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सावन सोमवार में कब करें शिवजी का रुद्राभिषेक, क्या है इसकी विधि?
Method of Rudra Abhishek: 11 जुलाई 2025 को श्रावण मास प्रारंभ होगा। सावन का पहला सोमवार 14 जुलाई को रहेगा और 22 जुलाई को भौम प्रदोष रहेगा। सावन माह में सोमवार और प्रदोष का बहुत महत्व रहता है। इस दिन को रुद्राभिषेक करने का सर्वश्रेष्ठ दिन माना गया है। इसके अलावा चतुर्दशी को भी रुद्राभिषेक कर सकते हैं। रुद्राभिषेक पूजा सामग्री- भांग, धतूरा, बेलपत्र, दूध, दही, घृत, शहद, चीनी, अनार, ऋतुफल, भस्म, चंदन, सफेद फूल, जल का पात्र, गंगा जल, शिव भोग, प्रसाद आदि।
रुद्राभिषेक पूजा की सरल विधि :
- शिवलिंग को उत्तर दिशा में स्थापित करके पूर्व में मुख करके रुद्राभिषेक करते हैं।
- पहले शिवलिंग का शुद्ध जल या गंगाजल से जलाभिषेक करें।
- इसके बाद पंचामृत (दूध, दही, शहद, शक्कर, घी) समेत गन्ने का रस आदि सभी तरल पदार्थ से उनका अभिषेक करें।
- अभिषेक करते समय शिवजी का पंचाक्षरी मंत्र- ॐ नम: शिवाय का जप करते रहें।
- उपरोक्त अभिषेक करने के बाद पुन: जलाभिषेक करें।
- इसके बाद शिवजी को चंदन और भस्म का लेप लगाएं।
- लेप लगाते समय महामृत्युंजय मंत्र या रुद्राष्टकम मंत्र का जाप करें।
- इसके बाद उन्हें पान का पत्ता, बेलपत्र सहित सभी बची हुई पूजा सामग्री करें।
- इसके बाद उन्हें उनकी पसंद का भोग लगाएं और इसके बाद 108 बार शिव मंत्र का जप करें।
- जप करने के बाद उनकी आरती उतारते हैं।
- आरती के बाद प्रसाद वितरण करते हैं।
