1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. श्राद्ध पर्व
  4. Amavasya 2019

सर्व पितृ अमावस्या 2019 : इन 4 उपायों से होगी पितृ दोष की शांति, हाथ से न निकलने दें यह अवसर। Pitru Moksha Amavasya 2019

Sarvapitri Amavasya 2019
28 सितंबर 2019, शनिवार को सर्व पितृ अमावस्या है। शनिवार के दिन अमावस्या आने के कारण श्राद्ध पक्ष की इस अमावस्या का महत्व और अधिक बढ़ गया है। 
 
पितृ दोष निवारण के लिए हर माह आने वाली अमावस्या का तथा श्राद्ध पक्ष के दौरान आने वाली सर्व पितृ अमावस्या पर पूजा करने का विशेष महत्व है। लेकिन अमावस्या पर क्या किया जाए और कैसे किया जाए यह स्पष्ट रूप से कोई नहीं बताता। 
 
यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत है सर्व पितृ अमावस्या पर किए जाने वाले 4 अचूक उपाय।
 
1. त्रयोदशी से अमावस्या तक नीलकंठ स्तोत्र का पाठ करना, पंचमी तिथि को सर्पसूक्त पाठ, अमावस्या और पूर्णमासी के दिन श्री नारायण कवच का पाठ करने के बाद ब्राह्मणों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार दिवंगत की पसंदीदा मिठाई तथा दक्षिणासहित भोजन कराना चाहिए। इससे पितृ दोष में कमी आती है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है।   
 
2. प्रत्येक अमावस्या के दिन अपने पितरों का ध्यान करते हुए पीपल के पेड़ पर कच्ची लस्सी, थोड़ा गंगाजल, काले तिल, चीनी, चावल, जल तथा पुष्प अर्पित करें और 'ॐ पितृभ्य: नम:' मंत्र का 108 बार जाप करें। उसके बाद पितृ सूक्त का पाठ करना शुभ फल प्रदान करता है।
 
3. प्रत्येक संक्रांति, अमावस्या और रविवार के दिन सूर्य देव को ताम्र बर्तन में लाल चंदन, गंगा जल और शुद्ध जल मिलाकर 'ॐ पितृभ्य: नम:' का बीज मंत्र पढ़ते हुए तीन बार अर्घ्य दें।
 
4. प्रत्येक अमावस्या के दिन दक्षिणाभिमुख होकर दिवंगत पितरों के लिए पितृ तर्पण करना चाहिए। पितृ स्तोत्र या पितृ सूक्त का पाठ करना चाहिए।




अगला लेख
Navratri 2019 : नवरात्रि पर्व में मां दुर्गा के किस रूप की करें आराधना (जानिए अपनी राशिनुसार)