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गुजरात से लौट रहे उत्तर भारतीयों को अधिकारी मनाने के लिए स्टेशन पहुंचे, मत जाओ...
गांधीनगर। गुजरात के उत्तरी जिले साबरकांठा के ढुंढर गांव में पिछले दिनों ठाकोर समुदाय की 14 माह की एक बच्ची से दुष्कर्म के बाद शुरू हुई गैर गुजरातियों के खिलाफ हमलों की घटनाएं अब लगभग पूरी तरह थम गई हैं। हालांकि उनके यहां से पलायन का सिलसिला कमोबेश अब भी जारी है।
पुलिस ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान ऐसी किसी भी घटना की सूचना नहीं है। इस मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है।
गैर गुजरातियों के साथ पुलिस की बैठक : उधर पुलिस सभी प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित कदम उठा रही है और इसके तहत बुधवार को अहमदाबाद के औद्योगिक क्षेत्र नरोडा जीआईडीसी में पुलिस ने गैर गुजरातियों की एक बैठक की और उनमें विश्वास बढ़ाने वाले कदम उठाए। वडोदरा में तो जिला कलेक्टर शालिनी अग्रवाल और पुलिस आयुक्त अनुपम गेहलोत स्वयं वापस लौट रहे गैर गुजरातियों को समझाने-बुझाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंच गए।
सूरत के उपायुक्त सतीश शर्मा ने पुलिस कंट्रोल रूम को विशेष हिदायत जारी की है कि अगर किसी गैर गुजराती के खिलाफ किसी तरह की घटना की शिकायत मिले तो त्वरित प्रक्रिया टीम तथा पुलिस के उच्च अधिकारी सीधे वहां पहुंच जाएं।
60 से ज्यादा मामले दर्ज : ऐसे प्रयासों के चलते भी अब हमले अथवा ऐसी घटनाएं लगभग पूरी तरह थम गई हैं। पुलिस ने 28 सितंबर को हुई दुष्कर्म की घटना के मामले में बिहार निवासी एक मजदूर की गिरफ्तारी के बाद से शुरू हुई हमले और खदेड़ने की घटनाओं के सिलसिले में 60 से अधिक मामले दर्ज कर अब तक 550 लोगों को पकड़ा है।
पुलिस संबंधित इलाकों में भी कड़ी निगरानी रख रही है। इन घटनाओं के चलते राज्य में विशेष रूप से उत्तरी जिलों में औद्योगिक उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। इसे भी सामान्य बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
