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कुशोत्पाटिनी अमावस्या के दिन करते हैं कौनसे 8 कार्य?
Kushotpatini Amavasya 2022 : वर्ष 2022 में 27 अगस्त, शनिवार को कुशोत्पाटिनी अमावस्या मनाई जा रही है। भाद्रपद की अमावस्या को कुशग्रहणी, कुशोत्पाटिनी और पिथौरा अमावस्या कहते हैं। अमावस्या की तिथि का अपना विशेष महत्व होता है। भाद्रपद अमावस्या के दिन की अमावस्या बहुत महत्वपूर्ण मानी गई है। इस दिन 8 महत्वपूर्ण कार्य किए जा सकते हैं। आओ जानते हैं कि वे कौनसे कार्य हैं।
1. इस दिन धार्मिक कार्यों के लिए कुशा एकत्रित कर कुश को घर में रखने से सुख-समृद्धि आती है।
2. इस दिन देवी दुर्गा सहित सप्तमातृका एवं 64 अन्य देवियों की पूजा की जाती है।
3. इस दिन माता पार्वती ने इंद्राणी को इस व्रत का महत्व बताया था।
4. विवाहिताओं द्वारा संतान प्राप्ति एवं संतान की कुशलता के लिए व्रत किया जाता है।
5. इस दिन नदी के तट पर पितरों की शांति के लिए पिंडदान करने का भी महत्व है।
6. इस दिन कालसर्प दोष निवारण के लिए पूजा-अर्चना भी की जा सकती है।
7. इस दिन संध्याकाल में पीपल के पेड़ के नीचे सरसो के तेल का दीपक जलाने से आर्थिक समस्या का अंत हो जाता है।
8. अमावस्या शनिदेव का दिन भी माना जाता है। इसलिए इस दिन उनकी पूजा करने का भी महत्व है।
