कालाष्टमी के दिन करें इस तरीके भगवान भैरव की पूजा और 5 अचूक उपाय
Kalashtami ke upay: वैदिक पंचांग के अनुसार प्रतिमाह आने वाले कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। कालाष्टमी के दिन भगवान शिव के काल भैरव रूप की पूजा की जाती है। कालाष्टमी का बहुत अधिक धार्मिक महत्व माना गया है। इस माह यह कलाष्टमी 10 अप्रैल 2026 शुक्रवार के दिन रहेगी।
1. भैरव पूजा:
काल भैरव अष्टमी के दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप, काल भैरव की पूजा करने से व्यक्ति को सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलती है, शत्रु शांत होते हैं, और काल का भय समाप्त होता है। इस दिन की गई पूजा शनि और राहु जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव को भी शांत करती है। काल भैरव पूजन के महत्व के अनुसार काल भैरव को शत्रुओं का नाश करने वाला माना जाता है, इनकी पूजा से शत्रु बाधाएं और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं।
2. भैरव मंत्र जाप:
काल भैरव के मंत्रों जाप भी चमत्कारिक फल देता है। किसी भी प्रकार की भूतबाधा, शत्रुबाधा या किसी के द्वारा कुछ किया गया हो तो विधि विधान से काल भैरव के इन मंत्रों की एक माला रोज जाप करें।
मुख्य मंत्र: ॥ॐ भैरवाय नमः॥
बटुक भैरव मंत्र: ॥ॐ बटुक भैरवाय नमः॥
रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का यथाशक्ति (कम से कम 108 बार) जाप करें:
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ नमः शिवाय"
3. भैरव भोग:
काल भैरव को शराब, इमरती और जलेबी, काले चने, दही-बड़ा, हलवा और खीर, मीठे पुए (गुलगुले), फल और नारियल, मदिरा (शराब), सरसों का तेल,
4. भैरव वाहन (कुत्ता):
काल भैरव की पूजा तब तक अधूरी मानी जाती है जब तक उनके वाहन श्वान (कुत्ते) को भोजन न कराया जाए। उन्हें दूध, ब्रेड या मीठी रोटी खिलाना भैरव बाबा को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका है। रविवार और बुधवार भैरव बाबा की पूजा और भोग के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन माने जाते हैं।
5. भैरव चालीसा:
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यदि जीवन में गुप्त शत्रु परेशान कर रहे हों या कार्यों में बार-बार रुकावट आ रही हो।
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शाम के समय काल भैरव के मंदिर में जाकर सरसों के तेल का एक चौमुखी दीपक जलाएं।
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दीपक जलाकर वहीं बैठकर 'काल भैरव चालीसा' का पाठ करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती
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आर्थिक तंगी और कर्ज से राहत के लिए काले तिल और गुड़ अर्पित करें।
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5 या 11 साबुत नींबू की माला बनाकर भैरव बाबा को पहनाएं। मान्यता है कि इससे अटके हुए धन की प्राप्ति होती है।
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एक काले कपड़े में थोड़ा सा कोयला और एक सिक्का बांधकर उसे अपने सिर से 7 बार वार कर बहते जल में प्रवाहित कर दें।