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Gayatri Jayanti 2024: गायत्री जयंती पर इस मुहूर्त में करें पूजा, जानें मंत्र का अर्थ
Gayatri Jayanti in June 2024:श्रावण पूर्णिमा के समय गायत्री जयन्ती व्यापक रूप से स्वीकार की जाती है। परंतु हिन्दू पंचांग के अनुसार हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को गायत्री जयंती मनाई जाती है। इस बार अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 17 जून 2024 सोमवार के दिन मनाई जाएगी। इसी दिन निर्जला एकादशी भी रहेगी। आओ जानते हैं पूजा का शुभ मुहूर्त और मंत्र का अर्थ।
एकादशी तिथि प्रारम्भ- 17 जून 2024 को सुबह 04:43 से।
एकादशी तिथि समाप्त- 18 जून 2024 को सुबह 06:24 तक।
ब्रह्म मुहूर्त: प्रात: 04:03 से 04:43 तक।
प्रातः सन्ध्या: प्रात: 04:23 से 05:23 तक।
अमृत काल: प्रात: 06:44 से 08:31 तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:54 से दोपहर 12:50 तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:42 से 03:38 तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:20 से 07:40 तक।
सायाह्न सन्ध्या: शाम 07:21 से रात्रि 08:21 तक।
रवि योग: प्रात: 05:23 से दोपहर 01:50 तक।
ॐ भूर्भुवः स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥
ॐ : परब्रह्मा का अभिवाच्य शब्द
भूः : भूलोक
भुवः : अंतरिक्ष लोक
स्वः : स्वर्गलोक
त : परमात्मा अथवा ब्रह्म
सवितुः : ईश्वर अथवा सृष्टि कर्ता
वरेण्यम : पूजनीय
भर्गः: अज्ञान तथा पाप निवारक
देवस्य : ज्ञान स्वरुप भगवान का
धीमहि : हम ध्यान करते है
धियो : बुद्धि प्रज्ञा
योः : जो
नः : हमें
प्रचोदयात् : प्रकाशित करें।
अर्थ: : हम ईश्वर की महिमा का ध्यान करते हैं, जिसने इस संसार को उत्पन्न किया है, जो पूजनीय है, जो ज्ञान का भंडार है, जो पापों तथा अज्ञान की दूर करने वाला हैं- वह हमें प्रकाश दिखाए और हमें सत्य पथ पर ले जाए।
