1. लाइफ स्‍टाइल
  2. एनआरआई
  3. NRI न्यूज
  4. abhimanyu anat no more

मॉरीशस के साहित्यकार अभिमन्यु अनत का निधन। abhimanyu anat no more

abhimanyu anat no more
- न्यूजीलैंड से रोहित कुमार
 
साहित्यकार अभिमन्यु अनत का सोमवार, 4 जून 2018 को निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे।
 
9 अगस्त, 1937 को त्रिओले, मॉरीशस में जन्मे अभिमन्यु अनत ने हिन्दी शिक्षण, रंगमंच, हिन्दी प्रकाशन आदि अनेक क्षेत्रों में कार्य किए हैं। लाल पसीना, लहरों की बेटी, एक बीघा प्यार, गांधीजी बोले थे इत्यादि उपन्यास, केक्टस के दांत, गुलमोहर खोल उठा इत्यादि कविता संग्रह तथा अपने सम्पादकीय व अन्य आलेखों के माध्यम से गत 50 वर्षों से हिन्दी साहित्य को एक वैश्विक पहचान देने के लिए प्रयासरत रहे हैं।
 
उन्होंने अनेक वर्षों तक महात्मा गांधी संस्थान की हिन्दी पत्रिका 'वसंत' के संपादक एवं सर्जनात्मक लेखन एवं प्रकाशन विभाग के अध्यक्ष रहे। आप 'वसंत' एवं बाल-पत्रिका 'रिमझिम' के संस्थापक थे। दो वर्षों तक महात्मा गांधी संस्थान में हिन्दी अध्यक्ष रहे व तीन वर्ष तक युवा मंत्रालय में नाट्य कला विभाग में नाट्य प्रशिक्षक के पद पर रहने के अतिरिक्त अठारह वर्ष तक हिन्दी अध्यापन कार्य किया।
 
अभिमन्यु अनत का साहित्य अनेक विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में सम्मिलित है तथा उन पर अनेक शोध कार्य किए जा चुके हैं। उनकी रचनाओं का अनुवाद अंग्रेज़ी, फ्रेंच सहित अनेक भाषाओं में किया गया है।
 
अभिमन्यु अनत को उनके लेखन के लिए अनेक सम्मान प्रदान किए जा चुके हैं, जिनमें सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार, मैथिलीशरण गुप्त सम्मान, यशपाल पुरस्कार, जनसंस्कृति सम्मान, उ.प्र. हिन्दी संस्थान पुरस्कार सम्मिलित हैं। भारत की साहित्य अकादमी द्वारा उनको मानद महत्तर सदस्यता (ऑनरेरी फेलोशिप) का सर्वोच्च सम्मान भी प्रदान किया जा चुका है।