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Mahagauri Devi : महाष्टमी की देवी महागौरी का औषधीय स्वरूप आपको चौंका देगा

mahashtami
नवदुर्गा के नौ रूप औषधियों के रूप में भी कार्य करते हैं। नवरात्रि इसीलिए सेहत नवरात्रि के रूप में भी जानी जाती है। आइए जानते हैं नौ दुर्गा के औषधीय स्वरूप के बारे में।  
 
अष्टम महागौरी (तुलसी) - दुर्गा का अष्टम रूप महागौरी है। जिसे प्रत्येक व्यक्ति औषधि के रूप में जानता है, क्योंकि इसका औषधि नाम तुलसी है जो प्रत्येक घर में लगाई जाती है।
 
तुलसी सात प्रकार की होती है। सफेद तुलसी, काली तुलसी, मरुता, दवना, कुढेरक, अर्जक, षटपत्र। यह सभी प्रकार की तुलसी रक्त को साफ करती है। रक्त शोधक है एवं हृदय रोग का नाश करती है।
 
तुलसी सुरसा ग्राम्या सुलभा बहुमंजरी।
अपेतराक्षसी महागौरी शूलघ्‍नी देवदुन्दुभि:
तुलसी कटुका तिक्ता हुध उष्णाहाहपित्तकृत् ।
मरुदनिप्रदो हध तीक्षणाष्ण: पित्तलो लघु:।
 
इस देवी की आराधना हर सामान्य एवं रोगी व्यक्ति को करना चाहिए।
 
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