सम्बंधित जानकारी
- Picture Story : नवरात्रि में उपवास के 10 नियम
- शारदीय नवरात्रि में करें इन 9 में से कोई एक पाठ तो माता होंगी प्रसन्न
- नवरात्रि में क्यों बोये जाते हैं जौ, मां भगवती को क्यों प्रिय है जानिए 10 वजह
- शारदीय नवरात्रि 2021 : लाल किताब अनुसार नवरात्र में करें ये कार्य तो होगा ये फायदा
- भोपाल में दुर्गा पूजा के दौरान गरबे के आयोजन पर रोक,कोरोना गाइडलाइन के साथ सजेंगे दुर्गा पंडाल
जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी : पढ़ें मां दुर्गा की दिव्य आरती
शारदीय नवरात्रि पर्व में मां अम्बे की आराधना की जाती है। यहां पढ़ें Durga Ji Ki Aarti-
दुर्गा आरती
दुर्गा आरती
जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी ।
मैया जय मंगल मूर्ति, मैया जय आनंदकरणी
तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिव री ॥टेक॥
मांग सिंदूर बिराजत टीको मृगमद को ।
उज्ज्वल से दोउ नैना चंद्रबदन नीको ॥जय॥
कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजै।
रक्तपुष्प गल माला कंठन पर साजै ॥जय॥
केहरि वाहन राजत खड्ग खप्परधारी ।
सुर-नर मुनिजन सेवत तिनके दुःखहारी ॥जय॥
कानन कुण्डल शोभित नासाग्रे मोती ।
कोटिक चंद्र दिवाकर राजत समज्योति ॥जय॥
चंड मुंड संहारे शोणित बीज हरे,।
मधुकैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥जय॥
शुम्भ निशुम्भ बिडारे महिषासुर घाती ।
धूम्र विलोचन नैना निशिदिन मदमाती ॥जय॥
चौंसठ योगिनि मंगल गावैं नृत्य करत भैरू।
बाजत ताल मृदंगा अरू बाजत डमरू ॥जय॥
ब्रह्माणी रुद्राणी तुम कमला रानी
आगम निगम बखानी,तुम शिव पटरानी॥जय॥
भुजा चार अति शोभित खड्ग खप्परधारी।
मनवांछित फल पावत सेवत नर नारी ॥जय॥
कंचन थाल विराजत अगर कपूर बाती ।
श्री मालकेतु में राजत कोटि रतन ज्योति ॥जय॥
श्री अम्बेजी की आरती जो कोई नर गावै ।
कहत शिवानंद स्वामी सुख-सम्पत्ति पावै ॥जय॥
कंचन थाल विराजत अगर कपूर बाती ।
श्री मालकेतु में राजत,कोटि रतनज्योति ॥जय॥
श्री अम्बेजी की आरती जो कोई नर गावै ।
कहत शिवानंद स्वामी सुख-सम्पत्ति पावै ॥जय॥
कहत शिवानंद स्वामी सुख-सम्पत्ति पावै ॥जय॥
