1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. नवरात्रि
  4. Gupta Navaratri 2025 Katha

माघ मास की गुप्त नवरात्रि की कथा

Magh Gupt Navratri 2025
Gupta Navaratri 2025: इस वर्ष 30 जनवरी 2025, दिन गुरुवार से माघ मास की गुप्त नवरात्रि आरंभ हो गई है। गुप्त नवरात्रि के दौरान दस महाविद्या यानि मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, माता बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की पूजा की जाती है। तांत्रिक क्रिया और शक्ति साधना के इस पावन पर्व पर गुप्त नवरात्रि की कथा पढ़ी या सुनीं जाती हैं।ALSO READ: माघ माह की गुप्त नवरात्रि में किस दिन करें कौनसी देवी की पूजा, जानिए 10 महाविद्याओं का रहस्य
 
कई धार्मिक ग्रंथों में गुप्त नवरात्रि की कथा का वर्णन मिलता है, जिनमें से कुछ प्रमुख कथाएं इस प्रकार हैं:
 
1. पहली कथा:
एक समय ऋषि श्रृंगी अपने भक्तों को दर्शन दे रहे थे। तभी अचानक से भीड़ से एक स्त्री निकलकर सामने आई। उस स्त्री ने ऋषि श्रृंगी से कहा कि मेरे पति हमेशा गलत कामों से घिरे रहते हैं, जिस वजह से मैं ना तो पूजा-पाठ कर पाती हूं और ना ही धर्म और भक्ति से जुड़ा कोई कार्य कर पाती हूं।
 
तब ऋषि श्रृंगी ने उस स्त्री से कहा कि तुम गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की उपासना करो। ऋषि ने बताया कि गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
 
उक्त स्त्री ने ऋषि श्रृंगी के बताए अनुसार गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा अर्चना की। मां दुर्गा की कृपा से उसके पति के सभी बुरे काम छूट गए और वह एक अच्छा इंसान बन गया।ALSO READ: gupt navratri 2025: माघ गुप्त नवरात्रि में कौनसी साधना करना चाहिए?
 
2. दूसरी कथा:
 
एक अन्य कथा के अनुसार, एक समय की बात है, एक राजा के राज्य में भयंकर सूखा पड़ा। प्रजा भूख से व्याकुल थी। राजा ने अपने राज्य के सभी विद्वानों को बुलाया और उनसे इस समस्या का समाधान पूछा। विद्वानों ने राजा को बताया कि इस समस्या का समाधान गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने से ही हो सकता है।
राजा ने विद्वानों के बताए अनुसार गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा अर्चना की। मां दुर्गा की कृपा से राज्य में वर्षा हुई और प्रजा सुखी हुई।

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें
अगला लेख
2 या 3 फरवरी कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी, जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और भोग