CEC ज्ञानेश कुमार के निलंबन की मांग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार और आयोग को नोटिस
शीर्ष अदालत नेक कहा- कानून के मुताबिक होने चाहिए चुनाव आयोग के निर्णय
Supreme Court on ECI: उच्चतम न्यायालय ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व वाले निर्वाचन आयोग के फैसले लेने के तरीके को चुनौती देने वाली याचिका और सीईसी के निलंबन की मांग पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है। शीर्ष अदालत ने दोनों पक्षों से एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि निर्वाचन आयोग का कोई भी फैसला कानून के अनुरूप नहीं पाया गया, तो उसे रद्द कर दिया जाएगा। हालांकि, पीठ ने यह भी साफ किया कि वह केवल समाचार पत्रों की रिपोर्टों के आधार पर कोई आदेश पारित नहीं करेगी, क्योंकि वे सही या गलत हो सकती हैं। ALSO READ: CEC ज्ञानेश कुमार की बढ़ सकती हैं मुश्किलें? सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर, क्या है याची की मांग?
सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आयोग का यह प्राथमिक दायित्व है कि उसके द्वारा लिए जाने वाले फैसले सर्वसम्मति वाले या फिर बहुमत से हों। अदालत ने कहा कि सामान्यतः उसका यह मानना रहता है कि निर्वाचन आयोग कानून के दायरे में रहकर ही निर्णय लेता है। हालांकि, यदि सुनवाई के दौरान यह सामने आता है कि आयोग का कोई फैसला संवैधानिक या कानूनी प्रावधानों के अनुरूप नहीं है, तो न्यायहित में उसे निरस्त कर दिया जाएगा। ALSO READ: मुंबई में उद्धव और राज ठाकरे का बड़ा विरोध प्रदर्शन: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मार्च, SIR रद्द करने की मांग
सीईसी ज्ञानेश कुमार के निलंबन की मांग
अदालत में दायर जनहित याचिका में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि जब तक सीईसी द्वारा पूर्व में लिए गए निर्णयों को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं पर न्यायालय में अंतिम विचार नहीं कर लिया जाता, तब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उनके पद से निलंबित रखा जाए।
सुनवाई के दौरान जब याचिकाकर्ता की ओर से मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया गया, तो पीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि अदालत केवल अखबारों या समाचार माध्यमों की खबरों के आधार पर कोई भी अंतरिम या अंतिम आदेश जारी नहीं करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट सही भी हो सकती हैं और गलत भी, इसलिए अदालत केवल साक्ष्यों और विधिक तर्कों के आधार पर ही मामले की समीक्षा करेगी। ALSO READ: केजरीवाल ने CJP को बताया गणित, कहा- CEC ज्ञानेश का नहीं, सीधे बॉस का इस्तीफा मांग लो
एक सप्ताह में मांगा केंद्र और आयोग से जवाब
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के निर्णय लेने की प्रक्रिया और उनके निलंबन की मांग से जुड़ी इस चुनौती को गंभीरता से लेते हुए उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग को आधिकारिक नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने दोनों पक्षों से एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, जिसके बाद मामले की अगली सुनवाई की जाएगी।

