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मध्यप्रदेश चुनाव के लिए कांग्रेस की लिस्ट फायनल नहीं, देर रात बैठक बेनतीजा रही

Madhya Pradesh Assembly Elections 2018
नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए टिकट बंटवारे को लेकर प्रदेश कांग्रेस नेताओं के बीच उभरे मतभेदों को दूर करने की जिम्मेदारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई है क्योंकि केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इस मुद्दे पर बातचीत बेनतीजा रही। सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। 
 
 
सूत्रों के मुताबिक बुधवार देर रात हुई कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति में कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह के बीच तीखी बहस हुई। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए टिकटों के बंटवारे को लेकर केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक आधी रात के बाद तक चली। हालांकि, यह बैठक बेनतीजा रही।
 
इसके बाद पार्टी के मध्य प्रदेश के नेताओं और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं- अहमद पटेल, अशोक गहलोत और एम वीरप्पा मोइली के साथ मधुसूदन मिस्त्री की अध्यक्षता में राज्य की केंद्रीय स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक हुई।
सूत्रों ने बताया कि अपने-अपने उम्मीदवारों की वकालत करते हुए सिंधिया और सिंह के बीच तीखी बहस हो गई।
 
उन्होंने बताया कि इसके बाद पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं अहमद पटेल, एम वीरप्पा मोईली और अशोक गहलोत से कहा कि वह इन नेताओं के साथ बैठकर उनके मतभेदों को सुलझाएं। एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘वरिष्ठ नेताओं से पहले मध्यप्रदेश कांग्रेस के विभिन्न गुटों के नेताओं के बीच आम सहमति बनाने और उसके बाद अगली बैठक आयोजित करने के लिए कहा गया है।’
 
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया है कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के चयन के लिए केंद्रीय चुनाव समिति की तीसरी बैठक आज शाम होनी थी, जो रद्द कर दी गई क्योंकि टिकटों के बंटवारे पर विभिन्न नेताओं के बीच आम सहमति नहीं बन पाई है।
 
इस संबंध में बैठक अब शुक्रवार को होने की संभावना है। पार्टी ने राज्य विधानसभा चुनाव के लिए अब तक किसी भी उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है। मध्यप्रदेश में शुक्रवार को चुनाव अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
 
इस बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत ने पार्टी नेताओं के बीच किसी तरह का मतभेद होने की खबरों का खंडन किया और दावा किया कि राज्य में कांग्रेस नेतृत्व एकजुट है। उन्होंने कहा कि नेताओं के बीच कोई लड़ाई नहीं है जैसा कि मीडिया के एक धड़े में खबर आई है। मध्य प्रदेश और राजस्थान के सभी नेता एकजुट हैं। गहलोत ने कहा कि उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी। (भाषा) 
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