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कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष लेने उमड़ी लाखों की भीड़, जानिए क्यों फैली अव्यवस्था?
मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में स्थित कुबेरेश्वर धाम (Kubereshwar Dham) रुद्राक्ष लेने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। कुबेरेश्वर धाम से भोपाल की ओर जाने वाले रास्ते पर 20 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस वजह से हजारों वाहन रास्ते में फंस गए।
भगदड़ और धक्का-मुक्की के बीच महाराष्ट्र की 52 वर्षीय महिला की मौत हो गई। कुबरेश्वर जा रही एक अन्य महिला की भी रास्ते में मौत हो गई। भीड़ इतनी थी कि कतारों में लगे लोगों का भी दम घुट रहा था।
दरअसल, कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा (pandit pradeep mishra) के कुबेरेश्वर धाम में गुरुवार से रुद्राक्ष वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कुबरेश्वर जाने वाले सभी रास्तों पर भारी भीड़ है। चारों ओर सिर ही सिर दिखाई दे रहे हैं। हालांकि माहौल बिगड़ता देख रुद्राक्ष वितरण बंद कर दिया गया है।
क्यों हुई अव्यवस्था : कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही वहां के सभी पांडाल भर गए थे। होटल, लॉज, घर, खुले मैदान, जिसे जहां जगह मिली ठहर गया। गुरुवार सुबह एक बार फिर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। व्यवस्था संभाल रहे करीब 1000 पुलिसकर्मी भी भीड़ के आगे लाचार दिखाई दिए। देखते ही देखते इंदौर-भोपाल राजमार्ग के साथ ही इच्छापुर-भाऊखेड़ी से कोठरी जाने वाला रास्ता भी जाम हो गया।
जब पुलिस ने गाड़ियों को रोका तो लोग पैदल ही कुबरेश्वर चल पड़े। भारी भीड़ के चलते अव्यवस्था फैल गई और पुलिस, प्रशासन से लेकर पंडित प्रदीप मिश्रा तक सभी बेबस नजर आए।
मौत पर क्या बोले पंडित मिश्रा : इस बीच पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि काशी में एक घर ऐसा है जहां लोग मरने जाते हैं। इसके लिए किराया दी देते हैं। अंतिम अवस्था में भजन करो, 1 माह में मर गए तो ठीक नहीं तो वापस भेज देते हैं। उन्होंने कहा कि जब भगवान शिव का कोई भक्त मरता है तो संसार के लोग भले ही रोते हो देवता फूल बरसाते हैं। मरना सबको है। मौत आनी होगी तो आएगी ही।
Edited by : Nrapendra Gupta
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