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FIIT JEE Expose: पहले जमा कराई लाखों की फीस अब बंद किए सेंटर, अधर में लटका बच्चों का भविष्य
आईआईटी और जेईई (IIT JEE) की तैयारी कराने वाले देश के तथाकतिथ कोचिंग संस्थान FIIT JEE के कई शहरों में सेंटर बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इस वजह से इन सेंटर्स में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। इसके साथ ही अगर हजारों बच्चों की फीस की बात करें तो फीस के तौर पर उनका लाखों रुपए अटका पड़ा है। ऐसे में जो अभिभावक कुछ सपंन्न हैं वे तो जैसे-तैसे यह इस नुकसान को सहने का मन बना चुके हैं, लेकिन ऐसे कई निम्न मध्यवर्गीय परिवार हैं जिन्होंने कर्ज लेकर बच्चों की फीस जमा की थी, वे आर्थिक रूप से भी टूट गए हैं और उनके बच्चों का भविष्य भी अधर में नजर आ रहा है। एक तरफ नीट पेपर लीक ने 24 लाख बच्चों के भविष्य में अंधकार घोल दिया है, वहीं अब फिट्जी मामले में हजारों बच्चों का भविष्य दाव पर लगा नजर आ रहा है।
बता दें कि FIIT JEE सेंटर की तरफ से एक प्रेस नोट जारी किया गया है, जिसमें सेंटर इस पूरे मामले को दबाने के लिए बच्चों के परिजनों को दिल्ली आकर पढ़ने, ऑनलाइन क्लासेस लेने और फीस रिफंड का ऑफर दिया है। लेकिन इस ऑफर में भी FIIT JEE सेंटर की नीयत साफ नहीं है। वेबदुनिया ने इस पूरे मामले को लेकर पड़ताल कर जानना चाही कि आखिर क्या है FIIT JEE की हकीकत और कैसे कई शहरों में हजारों बच्चों के साथ करोड़ों रुपए फीस दाव पर लगी हुई है।
जनसुनवाई में भी लगाई गुहार : बता दें कि इंदौर में यह मामला कलेक्टर की जनसुनवाई में भी पहुंचा था। कई परिजनों ने इंदौर कलेक्टर को शिकायत की। इस बारे में बात करने के लिए कलेक्टर आशीष सिंह को कॉल किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। बता दें कि इंदौर में स्थित फिट्जी के दोनों सेंटर पर कक्षाएं नहीं लग रही हैं। वहां पता चला कि कई महीनों से फेकल्टी को वेतन नहीं मिला है। जिससे वे सेंटर नहीं आ रहे हैं, कक्षाएं बंद है और न ही नए एडमिशन लिए जा रहे हैं।
दिल्ली में वहां केस्ट्रक्चर के हिसाब से वसूलेंगे फीस : इंदौर में IIT JEE की तैयारी करने वाले देवांश कुलकर्णी की माता साधना कुलकर्णी ने वेबदुनिया को बताया कि उनका बेटा देवांश कुलकर्णी तीन साल से तैयारी कर रहा है। वो जब 7 वीं में था तब से FIIT JEE सेंटर अन्नपूर्णा जा रहा है। अभी 11वीं में है। इस बार उन्होंने दो साल के प्रोग्राम के लिए एडमिशन लिया था। कुल 2 लाख 27 हजार फीस थी। इसमें से इस साल के लिए 1 लाख 27 हजार जमा कर दिए। लेकिन बायो का टीचर ही गायब हो गया। अब सेंटर बंद है। कोचिंग के लिए दिल्ली में बुला रहे हैं, वहां की फीस दिल्ली के स्ट्रक्चर के हिसाब से देना होगी। रिफंड का कहा तो अप्रेल 2025 तक रिफंड करने का बोल रहे हैं। ऐसे में तो हमारे लाखों रुपए और बच्चे का भविष्य अधर में लटक गया है। कुछ समझ नहीं आ रहा क्या करें। उन्होंने बताया कि वे जल्द ही सेंटर के खिलाफ प्रदर्शन करेगी।
10 महीने में ही जमा करा ली 2 साल की फीस : अन्नपूर्णा के ही FIIT JEE सेंटर पर IIT JEE की तैयारी कर रहे अमित सिंह (बदला हुआ नाम) की मां सरोज सिंह (बदला हुआ नाम) ने बताया कि उनका बच्चा मेडिकेप्स में पढता है, इसलिए उन्होंने तैयारी के लिए मेडिकेप्स का ही प्लान लिया था। उन्होंने बताया कि फिट्जी का मेडिकेप्स के साथ टायअप था। फिट्जी की ही फैकल्टी वहां आकर तैयारी करवा रही थी। लेकिन पहले उन्होंने स्कूल में तैयारी बंद की और अब सेंटर भी बंद हो गए हैं। दो साल के लिए उन्होंने 3 लाख से ज्यादा फीस जमा की थी। सरोज सिंह ने बताया कि दो साल की फीस उन्होंने 10 महीने में ही जमा करवा ली थी। अब हमारी फीस और बच्चे का भविष्य खतरे में आ गया है। क्या करें कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
क्यों खतरे में है बच्चों का भविष्य : बता दें कि बोर्ड और जेईई की एक्जाम फरवरी मार्च में होती है। ऐसे में हजारों परिजन के बच्चे दो साल पहले से तैयारी शुरू कर देते हैं। जून- जुलाई तक आधे से ज्यादा कोर्स पूरा हो जाता है। ऐसे में कोचिंग सेंटर बंद होने से उनकी तैयारी रूक गई है। इस बीच वे दूसरे सेंटर में भी एडमिशन नहीं ले पा रहे हैं। इंदौर, नागपुर और जयपुर में कई ऐसे परिजन हैं जिन्होंने कर्ज या उधार लेकर बच्चों की फीस जमा की थी। ऐसे में फिट्जी सेंटर बंद होने पर उन पर दोहरी मार पड़ी है।
जिन स्कूलों में टायअप था वहां भी बंद हुई क्लासेस : बता दें कि इंदौर में टायअप के तहत आईपीएस और मेडिकेप्स में भी फिट्जी की फेकल्टी बच्चों को एक्जाम की तैयारी करवाती थी। लेकिन इन दोनों जगह भी फेकल्टी नहीं आ रही है और तैयारी बंद है। आईपीएस में पड़ताल करने पर सामने आया कि यहां पहले फिट्जी की ऑनलाइन क्लासेस लगती थी, अब नहीं लग रही। क्यों नहीं लग रही यह पूछने पर बताया गया कि हमें नहीं पता मैनेजमेंट को पता होगा।
क्या संकट आया FITT JEE सेंटर में : पिछले कई दिनों से देश के कई शहरों में स्थित FITT JEE के सेंटर में फेकल्टी के नहीं आने और सेंटर बंद होने की खबरें आ रही थीं। इनमें इंदौर,भोपाल, जबलपुर, नागपुर और जयपुर जैसे शहर शामिल हैं। कहा जा रहा है कि सेंटर की वित्तीय हालत खराब होने की वजह से कई महीनों से फेकल्टी को फीस नहीं मिली है। जिससे वे कुछ महीनों से पढाने नहीं आ रहे है। जानकारी सामने आ रही है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है। जांच पड़ताल में पुलिस को कोचिंग के तीन बैंक खातों के बारे में पता चला। यह खाते मुंबई स्थित एक्सिस बैंक शाखा में खोले गए हैं। फिलहाल बैंक अफसरों से पत्राचार करते हुए तीनों ही खातों को फ्रीज करा दिया गया है।
सेंटर की नीयत में खोट : पैरेंट्स को ऑफर तो फोन क्यों नहीं उठा रहे : देश भर में संकट में आए FITT JEE सेंटर में क्लासेस बंद होने और कुछ शहरों में सेंटर बंद होने की खबर के बाद बच्चों और परिजनों में हडकंप मचा हुआ है। इस पूरे मामले को दबाने के लिए हाल ही में FITT JEE सेंटर की तरफ से एक प्रेसनोट जारी किया गया है। इस प्रेसनोट में सेंटर की तरफ से परिजनों को ऑफर दिया गया है कि अगर कोई बच्चा उनके दिल्ली एनसीआर के सेंटर में आकर पढ़ना चाहता है तो वहां आ सकता है। दूसरा ऑफर सेंटर ने दिया है कि बच्चे ऑनलाइन कोचिंग ले सकते हैं। FITT JEE सेंटर की तरफ तीसरा ऑफर दिया गया है कि जो बच्चे नहीं पढ़ना चाहते हैं उन्हें उनकी फीस रिफंड कर दी जाएगी। लेकिन यह रिफंड उन्हें अप्रेल 2025 में की जाएगी। बता दें कि इस प्रेसनोट में मनीष आनंद, मुख्य परिचालन अधिकारी, FITT JEE LIMITED, फाइनेंशियल अधिकारी राजीव बब्बर FITT JEE, प्रबंध भागीदार अतील अरोडा FITT JEE, अरविंद भावसार लेखा विभाग FITT JEE का मोबाइल नंबर दिया गया है। लेकिन इन नंबरों को कोई अधिकारी रिसीव नहीं कर रहा है। वेबदुनिया ने FITT JEE का पक्ष जानने के लिए इन चारों अधिकारियों के नंबर पर कई बार कॉल किया, लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाया। कई परिजनों ने भी इन नंबरों पर कॉल कर के इस प्रेसनोट की सत्यता जानना चाही लेकिन नंबर या तो बंद मिले या उठाए नहीं गए। ऐसे में परिजन से लेकर बच्चे अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं। उन्हें पता ही नहीं चल पा रहा है कि अगर FITT JEE सेंटर यह तीन ऑफर दे रहा है तो इनकी शर्तें क्या होंगी। अगर कोई दिल्ली सेंटर जाकर तैयारी करना चाहता है तो फीस में क्या बदलाव होगा। इन जानकारियों के अभाव में कई शहरों के हजारों बच्चों का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है।
बता दें कि FIIT JEE सेंटर की तरफ से एक प्रेस नोट जारी किया गया है, जिसमें सेंटर इस पूरे मामले को दबाने के लिए बच्चों के परिजनों को दिल्ली आकर पढ़ने, ऑनलाइन क्लासेस लेने और फीस रिफंड का ऑफर दिया है। लेकिन इस ऑफर में भी FIIT JEE सेंटर की नीयत साफ नहीं है। वेबदुनिया ने इस पूरे मामले को लेकर पड़ताल कर जानना चाही कि आखिर क्या है FIIT JEE की हकीकत और कैसे कई शहरों में हजारों बच्चों के साथ करोड़ों रुपए फीस दाव पर लगी हुई है।
जनसुनवाई में भी लगाई गुहार : बता दें कि इंदौर में यह मामला कलेक्टर की जनसुनवाई में भी पहुंचा था। कई परिजनों ने इंदौर कलेक्टर को शिकायत की। इस बारे में बात करने के लिए कलेक्टर आशीष सिंह को कॉल किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। बता दें कि इंदौर में स्थित फिट्जी के दोनों सेंटर पर कक्षाएं नहीं लग रही हैं। वहां पता चला कि कई महीनों से फेकल्टी को वेतन नहीं मिला है। जिससे वे सेंटर नहीं आ रहे हैं, कक्षाएं बंद है और न ही नए एडमिशन लिए जा रहे हैं।
10 महीने में ही जमा करा ली 2 साल की फीस : अन्नपूर्णा के ही FIIT JEE सेंटर पर IIT JEE की तैयारी कर रहे अमित सिंह (बदला हुआ नाम) की मां सरोज सिंह (बदला हुआ नाम) ने बताया कि उनका बच्चा मेडिकेप्स में पढता है, इसलिए उन्होंने तैयारी के लिए मेडिकेप्स का ही प्लान लिया था। उन्होंने बताया कि फिट्जी का मेडिकेप्स के साथ टायअप था। फिट्जी की ही फैकल्टी वहां आकर तैयारी करवा रही थी। लेकिन पहले उन्होंने स्कूल में तैयारी बंद की और अब सेंटर भी बंद हो गए हैं। दो साल के लिए उन्होंने 3 लाख से ज्यादा फीस जमा की थी। सरोज सिंह ने बताया कि दो साल की फीस उन्होंने 10 महीने में ही जमा करवा ली थी। अब हमारी फीस और बच्चे का भविष्य खतरे में आ गया है। क्या करें कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
क्यों खतरे में है बच्चों का भविष्य : बता दें कि बोर्ड और जेईई की एक्जाम फरवरी मार्च में होती है। ऐसे में हजारों परिजन के बच्चे दो साल पहले से तैयारी शुरू कर देते हैं। जून- जुलाई तक आधे से ज्यादा कोर्स पूरा हो जाता है। ऐसे में कोचिंग सेंटर बंद होने से उनकी तैयारी रूक गई है। इस बीच वे दूसरे सेंटर में भी एडमिशन नहीं ले पा रहे हैं। इंदौर, नागपुर और जयपुर में कई ऐसे परिजन हैं जिन्होंने कर्ज या उधार लेकर बच्चों की फीस जमा की थी। ऐसे में फिट्जी सेंटर बंद होने पर उन पर दोहरी मार पड़ी है।
जिन स्कूलों में टायअप था वहां भी बंद हुई क्लासेस : बता दें कि इंदौर में टायअप के तहत आईपीएस और मेडिकेप्स में भी फिट्जी की फेकल्टी बच्चों को एक्जाम की तैयारी करवाती थी। लेकिन इन दोनों जगह भी फेकल्टी नहीं आ रही है और तैयारी बंद है। आईपीएस में पड़ताल करने पर सामने आया कि यहां पहले फिट्जी की ऑनलाइन क्लासेस लगती थी, अब नहीं लग रही। क्यों नहीं लग रही यह पूछने पर बताया गया कि हमें नहीं पता मैनेजमेंट को पता होगा।
क्या संकट आया FITT JEE सेंटर में : पिछले कई दिनों से देश के कई शहरों में स्थित FITT JEE के सेंटर में फेकल्टी के नहीं आने और सेंटर बंद होने की खबरें आ रही थीं। इनमें इंदौर,भोपाल, जबलपुर, नागपुर और जयपुर जैसे शहर शामिल हैं। कहा जा रहा है कि सेंटर की वित्तीय हालत खराब होने की वजह से कई महीनों से फेकल्टी को फीस नहीं मिली है। जिससे वे कुछ महीनों से पढाने नहीं आ रहे है। जानकारी सामने आ रही है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है। जांच पड़ताल में पुलिस को कोचिंग के तीन बैंक खातों के बारे में पता चला। यह खाते मुंबई स्थित एक्सिस बैंक शाखा में खोले गए हैं। फिलहाल बैंक अफसरों से पत्राचार करते हुए तीनों ही खातों को फ्रीज करा दिया गया है।
