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पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने से कम होंगी कीमतें : फडणवीस
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने गुरुवार को कहा कि पेट्रोल एवं डीजल को माल एवं सेवाकर (जीएसटी) के दायरे में लाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा आम सहमति बनाने से ईंधन की कीमतें नीचे आ जाएंगी। फडणवीस ने कहा कि पेट्रोल एवं डीजल की कीमतें कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय भाव पर निर्भर करती हैं।
उन्होंने यहां कहा कि ईंधन की कीमतें कम करने के बारे में एक कार्यबल पहले ही कोशिशें कर रही हैं। यदि इन्हें (पेट्रोल एवं डीजल को) जीएसटी के दायरे में लाया जाता है तो इससे कीमतें कम हो जाएंगी। महाराष्ट्र इसके लिए पहले ही सहमति दे चुका है। जीएसटी परिषद को निर्णय लेने से पहले राजस्व नुकसान जैसे पहलुओं को भी देखना होगा।
फडणवीस ने कहा कि सभी राज्यों के वित्तमंत्रियों के साथ बातें चल रही हैं। अन्य राज्यों ने अभी तक सहमति नहीं दी है। एक बार जब पेट्रोल एवं डीजल को जीएसटी के दायरे में ले आया जाएगा, इसका दायरा बदल जाएगा। अभी करों के ऊपर कर लग रहा है जिससे दाम बढ़ जाते हैं। जीएसटी से एकल कर सुनिश्चित होगा।
फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्यों की सरकारों के पीछे हिमालय की तरह अडिग है और सभी रुकी परियोजनाओं को मोदी सरकार में मंजूरी मिली है। सूखे की समस्या को दूर करने, सिंचाई व्यवस्था तैयार करने और सड़कें बनाने के लिए केंद्र सरकार ने भारी राशि मुहैया कराई है। केंद्र ने पिछले 4 साल में महाराष्ट्र को इतना दिया है, जो पिछले 20 सालों में भी नहीं दिया गया था।
उल्लेखनीय है कि कर्नाटक चुनाव के दौरान पेट्रोल-डीजल भाव में 19 दिन तक बदलाव रोकने के बाद से अब तक लगातार 11वें दिन इनकी कीमतें बढ़ाई गई हैं। 14 मई के बाद से अब तक दिल्ली में पेट्रोल 2.84 रुपए प्रति लीटर और डीजल 2.60 रुपए प्रति लीटर महंगा हो चुका है। (भाषा)
