BRICS Summit : भारत ने दुनिया को दिया सहयोग का नया मॉडल, PM मोदी ने बताए 4 बड़े स्तंभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता का फोकस चार प्रमुख स्तंभों पर रहा—लचीलापन (Resilience), नवाचार (Innovation), सहयोग (Cooperation) और स्थिरता (Sustainability)। उन्होंने कहा कि BRICS सदस्य देशों के समर्थन से भारत ने समूह के साझा विजन को विन-विन सहयोग में बदलने की दिशा में काम किया है।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS Summit के दूसरे दिन सदस्य देशों के नेता पहुंचे। मुख्य सत्र की शुरुआत से पहले सभी नेताओं ने सामूहिक फोटो भी खिंचवाई। इसके बाद Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability विषय पर मुख्य सत्र आयोजित किया गया।
भारत की BRICS अध्यक्षता के चार प्रमुख स्तंभ
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान चार प्रमुख प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। इनमें बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच लचीलापन बढ़ाना, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देना, सदस्य देशों के बीच सहयोग मजबूत करना और सतत विकास पर जोर देना शामिल है।
पीएम मोदी ने कहा कि BRICS देशों के सहयोग से साझा लक्ष्यों को ठोस और सभी के लिए लाभकारी सहयोग में बदलने की कोशिश की गई है।
सर्वसम्मति से अपनाया गया नई दिल्ली घोषणापत्र 2026
18वें BRICS Summit के दौरान शनिवार को New Delhi Declaration 2026 को सर्वसम्मति से अपनाया गया। इसका पूरा शीर्षक New Delhi Declaration — Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability है।
यह 140 बिंदुओं वाला विस्तृत दस्तावेज है। इसमें वैश्विक शासन व्यवस्था, विभिन्न संघर्षों, आतंकवाद, व्यापार, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, तकनीक और विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल किया गया है।
मोदी, शी जिनपिंग, पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति समेत कई नेता मौजूद
नई दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन में विस्तारित BRICS समूह के प्रमुख नेता शामिल हुए। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन प्रमुख रूप से शामिल हैं।
BRICS Summit में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, तकनीक, जलवायु, विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
BRICS में अब 11 पूर्ण सदस्य
भारत के अनुसार BRICS में इस समय 11 पूर्ण सदस्य देश हैं। इनमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं। भारत के मुताबिक ये 11 देश मिलकर दुनिया की करीब 49.5 प्रतिशत आबादी और वैश्विक GDP के लगभग 40 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। BRICS के विस्तार के बाद समूह का वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक महत्व और बढ़ा है। नई दिल्ली में हो रहा यह शिखर सम्मेलन इसी बदलती वैश्विक भूमिका के बीच सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित है।

