1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. नानक जयंती
  4. Guru Nanak ke Dohe

Guru Nanak Jayanti 2021: हर मुश्किल आसान कर देंगे गुरु नानक देव के अमूल्य दोहे

Guru Nanak ke Dohe
Guru Nanak Dohe
 
शुक्रवार, 19 नवंबर को गुरु नानक देव की जयंती है। गुरु नानक देव सिखों के सबसे प्रसिद्ध गुरु और सिख धर्म के संस्थापक है। यहां पढ़ें उनके अमूल्य दोहे...

अपने ही सुखसों सब लागे, क्या दारा क्या मीत॥
मेरो मेरो सभी कहत हैं, हित सों बाध्यौ चीत।
अंतकाल संगी नहिं कोऊ, यह अचरज की रीत॥
 
मन मूरख अजहूं नहिं समुझत, सिख दै हारयो नीत।
नानक भव-जल-पार परै जो गावै प्रभु के गीत॥
 
एक ओंकार सतनाम, करता पुरखु निरभऊ।
निरबैर, अकाल मूरति, अजूनी, सैभं गुर प्रसादि ।।
हुकमी उत्तम नीचु हुकमि लिखित दुखसुख पाई अहि।
इकना हुकमी बक्शीस इकि हुकमी सदा भवाई अहि ॥
 
सालाही सालाही एती सुरति न पाइया।
नदिआ अते वाह पवहि समुंदि न जाणी अहि ॥
 
पवणु गुरु पानी पिता माता धरति महतु।
दिवस रात दुई दाई दाइआ खेले सगलु जगतु ॥
 
धनु धरनी अरु संपति सगरी जो मानिओ अपनाई।
तन छूटै कुछ संग न चालै, कहा ताहि लपटाई॥
दीन दयाल सदा दु:ख-भंजन, ता सिउ रुचि न बढाई।
नानक कहत जगत सभ मिथिआ, ज्यों सुपना रैनाई॥

अगला लेख
Guru Nanak Dev Quotes: जीवन जीने का सही मार्ग दिखाएंगे नानक देव के 10 अनमोल वचन