मां, तुम रोशन करती हो अंधेरों को : मदर्स डे पर कविता
-रंजना फतेहपुरकर
मां,
देखा है हर सुबह तुम्हें
तुलसी के चौरे पर
मस्तक झुकाए हुए,
मां तुम
रोशन करती हो अंधेरों को
चांद का दीपक
जलाए हुए...
