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मध्यप्रदेश विधानसभा में UCC विधेयक पारित, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून के रूप में होगा लागू
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में मंगलवार को UCC विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया है। विधेयक के विधानसभा से पास होने के बाद सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारी पार्टी समानता, सामाजिक न्याय और जनकल्याण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।
वहीं मंगलवार को विधानसभा में UCC विधेयक को लेकर कांगग्रेस ने जमकर हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने UCC बिल को सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग की लेकिन सरकार ने इसे खारिज कर दिया। इस बीच सदन की कार्यवाही दो बार स्थगति करनी पड़ी।
विधानसभा में यूसीसी विधेयक के पास होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में मीडिया से कहा कि राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद हमारा राज्य उस श्रेणी में खड़ा होगा जहां एक से ज्यादा विवाह करने पर अपराध होगा। एक से ज्यादा विवाह पर बहनों को कष्ट होता है, उससे उनको मुक्ति मिलेगी। हमारी सरकार प्रदेश की आधी आबादी को बहनों को उनका हक दिलाएगी। उन्होंने कहा कि केवल विवाह नहीं, उत्तराधिकार के मामले में भी जो अधिकार पुरुष का होगा, वही महिला का होगा। इसी तरह दत्तक पुत्र से लेकर जीवन के जितने भी अधिकार हैं, वो अधिकार सब पर समान रूप से लागू किए जाएंगे।
नैतिक आधार पर चल रही हमारी सरकार-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप के मामले में अगर किसी ने 18 और 21 वर्ष की निर्धारित आयु का उल्लंघन किया, या एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर के लिए लिव-इन रिलेशनशिप का दुरुपयोग किया, तो उसे 5 साल के लिए जेल में डाला जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार नैतिक आधार पर चल रही है। देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कई प्रकार के सुधार कार्यों का सिलसिला चल रहा है। इसी श्रेणी में मध्यप्रदेश ठोस कदम उठाते हुए समान नागरिक संहिता का कानून पास कराकर नई ऊंचाई तक पहुंचा है। मैं अपनी ओर से पूरे प्रदेश को बधाई देता हूं।मध्यप्रदेश के इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ा है…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 21, 2026
मध्यप्रदेश विधानसभा ने 'मध्यप्रेदश समान नागरिक संहिता, 2026' (UCC) विधेयक को ध्वनि मत से पारित किया।
विदेशी ताकतों द्वारा जिस जगदीशपुर की धरती को इस्लामनगर बनाकर शरिया कानून लागू किया गया था, उसी धरती से हमारी…
शरिया नहीं समान कानून होना चाहिए-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस मौके पर मैं कांग्रेस से प्रश्न पूछना चाहूंगा कि वह हमेशा हिंदु-मुस्लिम में अंतर क्यों करना चाहती है। अगर हम राम और रहीम को एक चश्मे से देखना चाहते हैं, तो दोनों में भेदभाव क्यों होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'हम सब भारत मां के लाल, भेदभाव का कहां सवाल।' कांग्रेस ने वर्षों तक भाई से भाई को लड़ाने का काम किया है। देश का बंटवारा कांग्रेस की गलत मानसिकता की वजह से हुआ। मध्यप्रदेश की धरती पर भी गलत कानून बनाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि जगदीशपुर को इस्लामपुर बनाया गया। हमारी कैबिनेट ने उसी धरती पर निर्णय किया कि शरिया कानून के बजाए एक समान कानून लागू होना चाहिए। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि मध्यप्रदेश की विधानसभा ने एक समान कानून का समर्थन करके सबके जीवन को बेहतरीन करने का अवसर दिया है।
नारी सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम होगी
यूसीसी के पारित होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मिडिया पर लिखा कि मध्यप्रदेश के इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ा है। मध्यप्रदेश विधानसभा ने 'मध्यप्रेदश समान नागरिक संहिता, 2026' (UCC) विधेयक को ध्वनि मत से पारित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारी पार्टी समानता, सामाजिक न्याय और जनकल्याण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। यह कानून नारी सशक्तिकरण की एक नई मिसाल कायम करने के साथ ही समान न्याय, समान अधिकार एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और अधिक सशक्त करेगा।
बता दें, इस विधेयक के पारित होने के बाद अब यह राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून के रूप में प्रदेश में लागू होगा। इस कानून के लागू होने के बाद सभी धर्मों के लोगों का जीवन एक कानून के मुताबिक चलेगा। न प्रदेश में कोई तीन तलाक ले सकेगा, न हलाला कर सकेगा, न लिव-इन रिलेशनशिप का दुरुपयोग कर सकेगा और न ही किसी की संपत्ति पर अधिकार जमा सकेगा।
