सम्बंधित जानकारी
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाबा साहेब अम्बेडकर की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन
- अजाक्स प्रत्येक जिले में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 10-10 लोगों को रोजगार के अवसर कराएगा मुहैया
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम का संसद में स्वीकृति के लिए आना ऐतिहासिक पहल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- मध्यप्रदेश मेंं खुलेंगे 6 नए मेडिकल कॉलेज, सागर में 286 करोड़ की सिंचाई परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी
- जेएलयू इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ मीडिया का सफल समापन
ग्वालियर में 1300 करोड़ का एलिवेटेड रोड हादसा, 35 फुट गर्डर गिरा, मजदूर गंभीर रूप से घायल
ग्वालियर में निर्माणाधीन 1300 करोड़ रुपये के एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट पर बड़ा हादसा हो गया। निर्माण के दौरान करीब 35 फुट लंबा भारी गर्डर अचानक गिर गया, जिससे एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान मजदूर बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के काम कर रहे थे। हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य जरूरी सुरक्षा साधनों की कमी साफ नजर आई, जो हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है।
इस प्रोजेक्ट को लेकर पहले से ही भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप लगते रहे हैं। अब इस हादसे के बाद यह आरोप और तेज हो गए हैं कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया। स्थानीय लोगों और विपक्ष ने इसे 'भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा प्रोजेक्ट' करार दिया है।
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कुछ दिन पहले ही इस एलिवेटेड रोड के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था। उनके दौरे के बाद भी सुरक्षा और गुणवत्ता में सुधार नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, निर्माण एजेंसी पर काम तेजी से पूरा करने का दबाव था, जिसके चलते सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। इसे सियासी श्रेय लेने की होड़ से भी जोड़ा जा रहा है।
हादसे के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों को लेकर बहस छेड़ दी है। Edited by : Sudhir Sharma
