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PM मोदी की अपील का मखौल उड़ाने वाले सौभाग्य सिंह से नाराज BJP आलाकमान, नेताओं का शक्ति प्रदर्शन नहीं करने की हिदायत, फिजूलखर्ची रोकने के निर्देश
भोपाल। पीएम मोदी के पेट्रोल-डीजल का कम उपयोग करने की अपील का माखौल उड़ाने वाले मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के नवनियुक्त चेयरमैन सौभाग्य सिंह को लेकर भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने कड़ी नाराजगी जाहिए की है। मंगलवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सभी को ईंधन की बचत करनी चाहिए और अनावश्यक उपयोग से बचना चाहिए। विशेष रूप से निगम-मंडलों केअध्यक्ष और कार्यकर्ताओं को इस संदेश को अपने दैनिक जीवन में उतारना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की ने केवल अपील नहीं की है, बल्कि समय की आवश्यकता और हमारी जिम्मेदारी है। समाज और देशहित में हर छोटा प्रयास महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
हेमंक खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सार्वजनिक जीवन में सादगी का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। ऐसे में पार्टी से जुड़े सभी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे जनता के बीच विनम्रता और सादगी का व्यवहार रखें। उन्होंने संकेतों में यह भी कहा कि अनावश्यक शक्ति प्रदर्शन और लंबे काफिलों की संस्कृति से बचना चाहिए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने यह भी संकेत दिए कि पार्टी का जो नेता और कार्यकर्ता फिजूलखर्ची कर शक्ति प्रदर्शन करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। बताया जा रहा है कि सौभाग्य सिंह के मामले में जमकर किरकिरी होने के बाद अब पार्टी की तरफ से निगम मंडल में नियुक्ति पाने वाले सभी नेताओं को हिदायत दी गई है कि वह किसी तरह का शक्ति प्रदर्शन नहीं करे। जिसका असर मंगलवार को दिखाई भी दिया और नवनियु्क्त अध्यक्ष ई रिक्शा से प्रदेश कार्यालय पहुंचे।
वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की नसीहत के बाद अब संगठन के भीतर यह संदेश स्पष्ट माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व सार्वजनिक जीवन में सादगी और अनुशासन को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई के पक्ष में नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले समय में भाजपा अपने नेताओं की सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर और अधिक सतर्क नजर आ सकती है।
गौरतलब कि पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह मंगलवार को 700 से अधिक गाडियों के काफिले के साथ उज्जैजन से भोपाल पहुंचे थे। सोमवार को सौभाग्य सिंह के शपथ ग्रहण मे आलम ये था कि उनके काफिले की गाड़ियां आपस में ही टकरा गईं. इतना ही नहीं भोपाल की सड़कों पर लंबा जाम लग गया. जिसके कारण लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा. बीजेपी ऑफिस ही नहीं बल्कि बोर्ड ऑफिस से लेकर अरेरा हिल्स तक लगे जाम में लोग फंस गए। सत्येंद्र भूषण को लेकर विपक्ष को भी भाजपा पर निशाना साधने का अवसर दिया। विपक्षी दलों ने इसे भाजपा की कथनी और करनी में अंतर बताते हुए सवाल उठाए।
