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Chandra Grahan 2020 | गुरु पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण : इन 8 खास बातों से जानिए क्या करें, क्या न करें
Chandra Grahan 2020
रविवार, 5 जुलाई 2020 को उपछाया चंद्र ग्रहण है। दिव्य पर्वों में ग्रहण का भी विशेष स्थान है। अतः नियम एवं संयम के साथ स्नान जप, तप, और हवन यज्ञ के द्वारा बाधाओं की निवृत्ति एवं सुखों की प्राप्ति के लिए अनुष्ठान करना चाहिए।
ग्रहण के समय मंत्र दीक्षा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त माना जाता है, क्योंकि इस समय मनकारक चंद्र, आत्मकारक सूर्य, पंचतत्वीय शरीर कारक पृथ्वी तीनों एक ही तल पर एक ही लय में होते हैं। अतएवं जो ब्रह्मांड में सो पिंड में सिद्धांत अनुसार ग्रहण का समय ध्यान में लगाने से इष्ट मंत्र जप करने से सफलता व सिद्धि शीघ्र मिलती है।
आइए जानें ग्रहण काल में ध्यान रखने योग्य 8 बातें...
1. मन तथा बुद्धि पर पड़े प्रभाव से लाभ उठाने के लिए जप, ध्यानादि का विधान है।
2. ग्रहण के समय किए गए जप, यज्ञ, दान आदि का सामान्य की अपेक्षा बहुत अधिक महत्व वर्णित है।
3. ग्रहण के समय स्त्री प्रसंग से नर-नारी दोनों की नेत्र ज्योति क्षीण हो जाती है। अनेक बार अंधे होने का भी भय हो जाता है। इस प्रकार ग्रहण का प्रभाव तर्क एवं परीक्षण से भी सिद्ध है।
4. ग्रहण काल में मन माने आचरण से मानसिक अव्यवस्था और बुद्धि विकार तो होता ही है साथ ही शारीरिक स्वास्थ्य की भी बड़ी हानि होती है। अतः इस संबंध में सबको सावधान रहना चाहिए साथ ही कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
5. ग्रहण आरंभ के 9 घंटे पहले से ग्रहण का सूतक प्रभावी हो जाता है।
6. उस समय जो घड़े में भरा जल या भोजन रखा हो, वह भी फिर उपयोग करने योग्य नहीं होता।
7. ग्रहण के समय भोजन आदि करने से अनेक रोग होते हैं। इसीलिए आहार आदि अनेक कार्य वर्जित हैं।
8. बालक, अशक्त आदि पथ्य आहार शाम 5 बजे तक आवश्यकता होने पर ले सकते हैं।
