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Last Updated : मंगलवार, 3 मार्च 2026 (17:31 IST)

भारत के पास LPG, LNG की कमी नहीं, आखिर क्या है भारत का प्लान B

India Energy Security
अमेरिका इजराइल और ईरान में जारी युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता बंद कर दिया गया है। इस रास्ते से ग्लोबल ऑइल एंड गैस का पांचवां हिस्सा सप्लाई होता है। आखिर भारत का इसे लेकर क्या प्लान है। भारत के पास कितने दिनों का भंडार है।

इस रूट के लंबे समय तक बंद रहने की सूरत में भारत के पास दूसरे विकल्प भी हैं। भारत की क्रूड ऑयल के लिए इस रास्ते पर ज्यादा निर्भरता नहीं है लेकिन एलपीजी और एलएनजी गैस के लिए भारत इस रास्ते पर ज्यादा निर्भर है। ऐसे में भारत के सामने बड़ी चुनौती इनकी सप्लाई सुनिश्चित करना है। 

कच्चे तेल, गैस, एलपीजी और एलएनजी का स्टॉक

अरब मुल्कों के साथ भारत के तेल-गैस व्यापार का ये मह्वपूर्ण गलियारा है। यहां से 20 फीसदी कच्चे तेल की आपूर्ति होती है। ईरान ही नहीं, सऊदी अरब, यूएई से लेकर कतर-कुवैत जैसे देशों से भारत को तेल-गैस की सप्लाई इसी रूट से होती है। केप्लर के मुताबिक, भारत के पास करीब 10 करोड़ बैरल वाणिज्यिक कच्चे तेल का स्टॉक है। इसमें रिफाइनरियों के पास मौजूद स्टॉक, भूमिगत रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (एसपीआर) और देश की ओर आ रहे जहाजों पर लदा तेल शामिल है।
 

सरकार ने क्या कहा 

सरकार का कहना है कि उसके पास पर्याप्त भंडार है और चिंता की कोई बात नहीं है। इस बीच सरकार के सूत्रों का कहना है कि उसके पास कच्चे तेल, गैस, एलपीजी और एलएनजी का 25 दिनों का स्टॉक है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने फरवरी में कहा था कि अगर हम अपने रणनीतिक भंडार, रिफाइनरी स्टॉक और बंदरगाहों पर मौजूद कच्चे तेल को मिला दें भारत के पास कुल 74 दिनों का बैकअप उपलब्ध है। भारत मिशन समुद्र मंथन के जरिए इसे 90 दिनों तक ले जाने पर काम कर रहा है।

रूस बन सकता है दोस्त 

हिन्द महासागर और अरब महासागर क्षेत्र में मौजूद रूस के ऑयल कार्गों से ऑयल सप्लाई में मदद ली जा सकती है। रशियन ऑइल का ये स्टोरेज इसलिए इस क्षेत्र में है, क्योंकि भारत काफी कम मात्रा में रशियन क्रूड ऑइल ले रहा है। Edited by : Sudhir Sharma
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