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Last Updated : बुधवार, 15 अप्रैल 2026 (12:09 IST)

राहु-केतु का मायाजाल: कलयुग में अचानक मिलने वाली सफलता और असफलता का रहस्य

rahu ketu grah kalyug ke raja
Planets Rahu and Ketu: कलयुग में राहु, केतु, शनि और शुक्र का प्रभाव सर्वाधिक है, जिसमें राहु को 'कलयुग का राजा' माना गया है। यह अचानक होने वाली घटनाओं, युद्ध, सफलता और असफलता का मुख्य कारक है। राहु कल्पना शक्ति, नए विचार और भ्रम का प्रतीक है। शरीर में यह सिर की चोटी और ठोड़ी पर प्रभाव डालता है, जबकि घर में इसका स्थान सीढ़ियां, टॉयलेट और इलेक्ट्रॉनिक सामान हैं।

राहु का स्वभाव:

  • स्वाभव: राहु जातक को मानसिक अशांति, जेल, या अचानक बीमारी दे सकता है। 
  • यह अचानक धन, संपत्ति और सफलता देने वाला ग्रह भी है।
  • यह राजनीति, सेना और पुलिस में सफलता भी दिलाता है और यह अपराधी भी बनाता है।

यह अन्य ग्रहों के साथ मिलकर खतरनाक योग बनाता है राहु:

  • शनि के साथ पिशाच योग
  • मंगल के साथ अंगारक योग
  • गुरु के साथ चांडाल योग
  • सूर्य/चंद्र के साथ ग्रहण योग
  • केवल बृहस्पति (गुरु) ही राहु को नियंत्रित करने में सक्षम है।

राहु के सामान्य उपाय

  1. राहु को शांत रखने के लिए शनिवार को नीला धागा लिपटा नारियल या दूध से धुली जौ बहते पानी में प्रवाहित करें। 
  2. साथ ही, घर के शौचालय, सीढ़िया की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
  3. भैरवनाथ की की पूजा करें और उन्हें कच्चा दूध अर्पित करें।
  4. शरीर पर चांदी धारण करें या चांदी का चौकोर टूकड़ा अपने पास रखें।
  5. नित्य केसर का तिलक नाभि और मस्तिष्क पर लगाएं।

कुंडली के भावों (खानों) के अनुसार विशेष उपाय:

प्रथम भाव: चांदी की ठोस गोली अपने पास रखें।
द्वितीय भाव: दोरंगा या बहुचर्चित कंबल दान करें।
तृतीय भाव: बाएं हाथ की कनिष्ठा उंगली में सोने का छल्ला पहनें।
चतुर्थ भाव: चांदी की डिब्बी में शहद भरकर घर के बाहर जमीन में दबाएं।
पंचम भाव: घर में चांदी का ठोस हाथी रखें।
षष्ठ भाव: बहन की सेवा करें और कुत्ता पालें।
सप्तम भाव: लाल रंग की लोहे की गोली पास रखें या चांदी की डिब्बी में गंगाजल और चांदी का टुकड़ा रखें।
अष्टम भाव: 800 ग्राम सिक्कों के आठ टुकड़े करके बहते पानी में बहाएं।
नवम भाव: चने की दाल जल में प्रवाहित करें और घर में चांदी की ईंट रखें।
दशम भाव: पीतल के बर्तन में नदी का जल भरकर उस पर चांदी का ढक्कन लगाकर घर में रखें।
एकादश भाव: 400 ग्राम सिक्के के टुकड़े जल में बहाएं और सिरहाने मूली रखकर सुबह दान करें।
द्वादश भाव: लाल कपड़े की थैली में सौंफ या खांड भरकर बेडरूम में रखें और सोने के आभूषण पहनें।
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