बाल कविता : तितली हूं या परी। Poems for children
होठों पर मुस्कान खिली है,
आंखों में है जादू।
मुझे देखकर खुश कितने हैं,
मेरे अम्मा बापू।
मुंडन अभी करा के आई,
लगती हूं मैं कैसी?
फूलों पर बैठी तितली हूं,
या हूं परियों जैसी।
