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आसान नहीं है इमरान खान की राह, विरोध के लिए पीपीपी और नवाज की पार्टी ने मिलाया हाथ
इस्लामाबाद। क्रिकेट के बाद पाकिस्तान की राजनीति की 'पिच' पर जलवा बिखेरने के बाद सत्ता के सिंहासन पर पहुंचने वाले इमरान खान के खिलाफ संसद में विरोध का बिगुल फूंकने के लिए विपरीत धुरी के दो प्रमुख राजनीतिक दलों ने हाथ मिलाया है।
शरीफ परिवार नियंत्रित पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और भुट्टो परिवार की बादशाहत वाले पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने 18 अगस्त को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे खान के खिलाफ गठबंधन तैयार किया है। पाकिस्तान की राजनीति में विपरीत धुरी माने जाने वाले ये दोनों दल वक्त के तकाजे पर एक हुए हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि अगर पीएमएल-एन और पीपीपी अपनी एकता बरकरार रख पाती हैं तो वे खान के लिए मुसीबत खड़ा कर सकती हैं। पीएमएल-एन के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि चुनाव परिणामों में हेराफेरी हुई है और हम संसद के भीतर इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएंगे। पीपीपी के एक नेता ने कहा कि दोनों दल महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं विधायी मुद्दों को लेकर अगले कुछ वर्षों तक संसद के भीतर संयुक्त बल के रूप में साथ रहेंगे।
खान की अध्यक्षता वाली पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने 272 सदस्यीय राष्ट्रीय संसद के चुनाव में 116 सीटें जीती हैं और कुछ सहयोगी दलों के समर्थन से देश में नई सरकार के गठन की तैयारी में जुटी है।
दूसरी तरफ विपक्षी दलों का दावा है कि पीटीआई को देश की सेना का समर्थन है, हालांकि पीटीआई और सेना ने इस तरह के किसी भी आराप को खारिज किया है। (वार्ता)
