6 दिनों से भूखे हैं इंदौर के प्रहलाद पांडेय, अवैध होर्डिंग के खिलाफ रीगल पर डाला डेरा, कहा, गीता का धर्म निभाऊंगा
- कहा मर जाऊंगा पर उठूंगा नहीं, अब तक प्रशासन से कोई नहीं आया मिलने
- इंदौर में अवैध होर्डिंग के खिलाफ खोला है मोर्चा, पहले लगाया था मारपीट का आरोप
उनके साथ अनशन पर बैठी उनकी मित्र ज्योति सुराणा मीडिया को जानकारी दे रही हैं। उन्होंने बताया कि शहर में अवैध होर्डिंग के खिलाफ यह अनशन शुरू किया गया है।
हमारे साथ मारपीट कर धमकाया : बता दें कि इंदौर में अवैध होर्डिंग के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे प्रहलाद पांडेय के साथ उनकी पत्नी भी साथ दे रही है। हाल ही में दंपत्ति ने अपने साथ मारपीट का आरोप भी लगाया था। घटना समाजसेवी प्रहलाद पांडेय के साथ हुई। उन्होंने कहा कि शहर में कई जगह अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टर लगे हैं, जिन पर कार्रवाई होना चाहिए, मगर ऐसा नहीं हो रहा है। बता दें कि समाजसेवी प्रहलाद पांडेय और उनकी पत्नी संगीता पांडेय के साथ रीगल तिराहे स्थित गांधी प्रतिमा के नीचे भूख हड़ताल पर बैठे हैं।फेसबुक लाइव के वक्त विवाद : बता दें कि प्रहलाद पांडेय ने बाणगंगा क्षेत्र में लगे अवैध होर्डिंग को लेकर फेसबुक लाइव किया था। इसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और उनके साथ विवाद शुरू हो गया। पांडेय का आरोप है कि विवाद के बाद उनके साथ मारपीट की गई और मोबाइल व माइक्रोफोन छीन लिया गया। वहीं पांडेय का कहना है कि जब तक शहर से अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टर नहीं हटते, वे भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे।
मोबाइन छीनकर वीडियो डिलीट किए : उनके साथ मारपीट की और उनका मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया। साथ ही जान से मारने की धमकी दी। प्रहलाद ने आरोप लगाया कि बुधवार रात 2.30 बजे मोबाइल पर कॉल आया। कॉल पर धमकाते हुए कहा कि हमें पता है कि तेरा घर कहां है और तेरे बच्चे कहां पढ़ते हैं। भूख हड़ताल समाप्त कर घर चला जा, नहीं तो तेरे साथ ठीक नहीं होगा। मरीमाता चौराहे पर मारपीट की घटना के बाद वे रीगल तिराहे पर महात्मा गांधी की शरण में पहुंचे। उन्होंने रोते हुए अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया। इसके बाद वे पत्नी के साथ गांधी प्रतिमा के नीचे भूख हड़ताल पर बैठ गए। जब इस बारे में उनके परिचितों को पता चला तो वे भी उनके समर्थन में पहुंच गए।
हाईकोर्ट में लगाई याचिका : प्रहलाद ने बताया कि लगभग 20 दिन पहले इंदौर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है। याचिका में मांग की है कि अवैध होर्डिंग, बैनर व पोस्टर लगाने वालों से ही नगर निगम हटाने का खर्च वसूले। उनके विरुद्ध संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज हो। साथ ही 311 ऐप पर अवैध होर्डिंग, बैनर व पोस्टर की शिकायत के लिए नया विकल्प शुरू किया जाए। संभवतः अगले सप्ताह इस मामले में सुनवाई होगी।

