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इंदौर में मॉक ड्रिल में सिखाए गए आपात स्थिति से निपटने के गुर, 1,500 लोगों ने लिया भाग
इंदौर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले महीने हुए आतंकी हमले के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक इंदौर में बुधवार को मॉक ड्रिल किया गया, जिसमें नागरिकों, सरकारी कर्मचारियों और स्वयंसेवकों को अलग-अलग आपात स्थितियों से निपटने के गुर सिखाए गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि सूबे की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले शहर में मॉक ड्रिल के दौरान लोगों को इमारत में आग लगने जैसी विभिन्न आपात स्थितियों के वक्त खुद को सुरक्षित रखने के साथ ही खोज-बचाव अभियानों के उपायों को लेकर प्रशिक्षित किया गया।
उन्होंने बताया कि इस अभ्यास में सायरन के माध्यम से खतरे की चेतावनी, प्रमुख बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखना, दुर्घटना की स्थिति में घायलों को अस्पताल पहुंचाना और खतरा होने पर लोगों को इमारत से बाहर निकालकर "सेफ हाउस" या बंकर में पहुंचाने जैसी गतिविधियां शामिल थीं। अधिकारियों ने बताया कि एक अभ्यास में हवाई हमले या बम धमाके की स्थिति में इमारत से लोगों को सीढ़ी और रस्से से बाहर निकाला गया।
अधिकारियों के मुताबिक, 'मॉक ड्रिल के अलग-अलग अभ्यास शहर के शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय, रेसीडेंसी कोठी और शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के बालक छात्रावास में किए गए।
उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल में पुलिस, प्रशासन, नगर निगम, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राज्य आपदा आपातकालीन मोचन बल (एसडीईआरएफ), होमगार्ड और अन्य सरकारी महकमों के अधिकारी-कर्मचारी और "सिविल डिफेंस" के स्वयंसेवक शामिल हुए।
जिलाधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि 'मॉक ड्रिल' में करीब 1,500 लोगों ने भाग लिया। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच नये और जटिल खतरे सामने आए हैं जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश भर में मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए थे।
दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से मशहूर प्रमुख पर्यटक स्थल बैसरन में 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने हमला किया जिसमें 26 लोग मारे गए थे। मृतकों में ज्यादातर पर्यटक थे।
Edited By: Navin Rangiyal (भाषा)
अधिकारियों ने बताया कि सूबे की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले शहर में मॉक ड्रिल के दौरान लोगों को इमारत में आग लगने जैसी विभिन्न आपात स्थितियों के वक्त खुद को सुरक्षित रखने के साथ ही खोज-बचाव अभियानों के उपायों को लेकर प्रशिक्षित किया गया।
उन्होंने बताया कि इस अभ्यास में सायरन के माध्यम से खतरे की चेतावनी, प्रमुख बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखना, दुर्घटना की स्थिति में घायलों को अस्पताल पहुंचाना और खतरा होने पर लोगों को इमारत से बाहर निकालकर "सेफ हाउस" या बंकर में पहुंचाने जैसी गतिविधियां शामिल थीं। अधिकारियों ने बताया कि एक अभ्यास में हवाई हमले या बम धमाके की स्थिति में इमारत से लोगों को सीढ़ी और रस्से से बाहर निकाला गया।
उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल में पुलिस, प्रशासन, नगर निगम, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राज्य आपदा आपातकालीन मोचन बल (एसडीईआरएफ), होमगार्ड और अन्य सरकारी महकमों के अधिकारी-कर्मचारी और "सिविल डिफेंस" के स्वयंसेवक शामिल हुए।
जिलाधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि 'मॉक ड्रिल' में करीब 1,500 लोगों ने भाग लिया। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच नये और जटिल खतरे सामने आए हैं जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश भर में मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए थे।
दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से मशहूर प्रमुख पर्यटक स्थल बैसरन में 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने हमला किया जिसमें 26 लोग मारे गए थे। मृतकों में ज्यादातर पर्यटक थे।
Edited By: Navin Rangiyal (भाषा)
