इंदौर में E Rickshaw बढ़ा रहे हादसे, राजवाड़ा के आसपास कब्जे से भदहाल हो रहा ट्रैफिक, बस हादसा भी इसी का नतीजा
इंदौर के अति-व्यस्त राजवाड़ा क्षेत्र पर रविवार दोपहर को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। पीएम ई-बस सेवा (PM e-Bus Service) की एक अनियंत्रित इलेक्ट्रिक बस ने वहां खड़े ऑटो/ई-रिक्शा और राहगीरों को अपनी चपेट में ले लिया।
इस भीषण हादसे में एक व्यक्ति (पिंटू उर्फ गणेश) की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने बस पर पथराव भी किया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और आरोपी चालक को हिरासत में लिया है।
नारियल काउंटर नहीं होता तो दुकान में घुस जाती बस : सिटी बस लोगों को टक्कर मारते हुए एक सामने स्थित पूजन सामग्री की दुकान की तरफ बढ़ रही थी। दुकानदार ने बताया कि बस को दुकान की तरफ आते देख हम डर गए और काउंटर से भाग खड़े हुए। दुकान के बाहर नारियल का काउंटर रखा था और ग्राहकों की गाड़ियां खड़ी थीं। बस काउंटर से टकराकर रुक गई, वरना कई अन्य लोग उसकी चपेट में आ जाते। इस बीच वहां मौजूद लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। हादसा देख लोगों ने बस पर पथराव कर दिया। दरअसल, यह स्थिति यहां ई रिक्शाओं और ऑटो वाले के कब्जे की वजह से बन रही है।
राजवाड़ा क्षेत्र में ट्रैफिक अव्यवस्था और ई-रिक्शा : बता दें कि राजवाड़ा जैसे संवेदनशील और संकरे इलाके में लगातार बढ़ रहे हादसों और जाम की मुख्य वजहों में ई रिक्शा सबसे ज्यादा जिम्मेदार है। इसके साथ ही ऑटो वाले भी राजवाडा के आसपास सवारियों के लिए मनमानी करते हैं। जिससे ट्रैफिक अस्त व्यस्त हो जाता है।
बेतरतीब संचालन और कब्जा: राजवाड़ा के आसपास ई-रिक्शा और ऑटो चालकों द्वारा अवैध पार्किंग व बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े करने के कारण मुख्य मार्ग सिकुड़ जाते हैं।
प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश: जिन क्षेत्रों में ई-रिक्शा और भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है, वहां भी नियमों को ताक पर रखकर ये वाहन घुस जाते हैं, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाता है।यातायात दबाव: बस स्टैंड और व्यावसायिक हब होने के कारण यहां पहले से ही भारी पैदल आवाजाही और सार्वजनिक वाहनों (जैसे सिटी बस और ई-बस) का दबाव रहता है, ऐसे में अनियंत्रित छोटे वाहन और अतिक्रमण दुर्घटनाओं के जोखिम को और बढ़ा देते हैं। इस गंभीर दुर्घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और प्रशासन के बीच राजवाड़ा क्षेत्र के ट्रैफिक नियंत्रण, ई-रिक्शा के रूट निर्धारण और सार्वजनिक परिवहन के संचालन को लेकर सख्त नियम लागू करने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
तीन युवकों पर बस में पथराव का आरोप : राजबाड़ा पर रविवार हुए इस बस हादसे के बाद भीड़ ने बस में तोड़फोड़ कर दी थी। मामले में एमजी रोड पुलिस ने एमएस कांबिंग कंपनी के सुपरवाइजर तशील की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है। सुपरवाइजर तशील ने पुलिस को बताया कि हादसे के बाद भीड़ ने अचानक बस में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस दौरान अभिषेक ठाकुर, विजय यादव और पंकज ने वहां मौजूद लोगों को उकसाया और बस पर पथराव किया। इससे बस के कांच फूट गए और उसे भारी नुकसान हुआ। पुलिस अब घटना के फुटेज के आधार पर अन्य लोगों की पहचान कर रही है। मामले में आगे और आरोपी बढ़ने की संभावना है।
नारियल काउंटर नहीं होता तो दुकान में घुस जाती बस : सिटी बस लोगों को टक्कर मारते हुए एक सामने स्थित पूजन सामग्री की दुकान की तरफ बढ़ रही थी। दुकानदार ने बताया कि बस को दुकान की तरफ आते देख हम डर गए और काउंटर से भाग खड़े हुए। दुकान के बाहर नारियल का काउंटर रखा था और ग्राहकों की गाड़ियां खड़ी थीं। बस काउंटर से टकराकर रुक गई, वरना कई अन्य लोग उसकी चपेट में आ जाते। इस बीच वहां मौजूद लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। हादसा देख लोगों ने बस पर पथराव कर दिया। दरअसल, यह स्थिति यहां ई रिक्शाओं और ऑटो वाले के कब्जे की वजह से बन रही है।
राजवाड़ा क्षेत्र में ट्रैफिक अव्यवस्था और ई-रिक्शा : बता दें कि राजवाड़ा जैसे संवेदनशील और संकरे इलाके में लगातार बढ़ रहे हादसों और जाम की मुख्य वजहों में ई रिक्शा सबसे ज्यादा जिम्मेदार है। इसके साथ ही ऑटो वाले भी राजवाडा के आसपास सवारियों के लिए मनमानी करते हैं। जिससे ट्रैफिक अस्त व्यस्त हो जाता है।
प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश: जिन क्षेत्रों में ई-रिक्शा और भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है, वहां भी नियमों को ताक पर रखकर ये वाहन घुस जाते हैं, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाता है।यातायात दबाव: बस स्टैंड और व्यावसायिक हब होने के कारण यहां पहले से ही भारी पैदल आवाजाही और सार्वजनिक वाहनों (जैसे सिटी बस और ई-बस) का दबाव रहता है, ऐसे में अनियंत्रित छोटे वाहन और अतिक्रमण दुर्घटनाओं के जोखिम को और बढ़ा देते हैं। इस गंभीर दुर्घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और प्रशासन के बीच राजवाड़ा क्षेत्र के ट्रैफिक नियंत्रण, ई-रिक्शा के रूट निर्धारण और सार्वजनिक परिवहन के संचालन को लेकर सख्त नियम लागू करने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
तीन युवकों पर बस में पथराव का आरोप : राजबाड़ा पर रविवार हुए इस बस हादसे के बाद भीड़ ने बस में तोड़फोड़ कर दी थी। मामले में एमजी रोड पुलिस ने एमएस कांबिंग कंपनी के सुपरवाइजर तशील की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है। सुपरवाइजर तशील ने पुलिस को बताया कि हादसे के बाद भीड़ ने अचानक बस में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस दौरान अभिषेक ठाकुर, विजय यादव और पंकज ने वहां मौजूद लोगों को उकसाया और बस पर पथराव किया। इससे बस के कांच फूट गए और उसे भारी नुकसान हुआ। पुलिस अब घटना के फुटेज के आधार पर अन्य लोगों की पहचान कर रही है। मामले में आगे और आरोपी बढ़ने की संभावना है।

