सम्बंधित जानकारी
- मुरैना में अंबेडकर जयंती पर बवाल और फायरिंग, एक की मौत, एक की हालत गंभीर, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
- जुलूस में डीजे की आवाज पर मुरैना में बवाल, गोली मारकर ली युवक की जान
- Uttarakhand : UCC लागू करने के लिए CM धामी हरिद्वार में अंबेडकर महामंच द्वारा सम्मानित
- अंबेडकर की विरासत पर सियासत, मोदी ने कांग्रेस को बताया संविधान का भक्षक, कांग्रेस का पलटवार
- बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर : समता, न्याय और नवजागरण के प्रतीक
आंबेडकर जयंती पर इंदौर में दलित दूल्हे को मंदिर में जाने से रोका, पुलिस आकर किया ये काम
एक तरफ पूरे देश में संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती मनाई जा रही थी, तो वहीं इंदौर से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित बेटमा में कुछ दबंग लोग एक गरीब और दलित व्यक्ति का अपमान कर रहे थे।
दरअसल, घटना इंदौर के समीप बेटमा की है। जहां कुछ दबंगों ने दलितों का अपमान करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। उन्होंने बारात को मंदिर में जाने से रोका। विवाद की खबर पुलिस तक पहुंची तो मौके पर अफसर पहुंचे और मामला शांत कराया। यह उस दिन हुआ जब पूरे देश में संविधान निर्माता बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती मनाई जा रही थी और उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही थी।
क्या है पूरा मामला : बता दें कि बेटमा में रहने वाले अंकित बलाई की सोमवार को बारात निकल रही थी। परंपरा के अनुसार दूल्हा और कुछ बाराती मंदिर में जाकर भगवान राम के दर्शन करते हैं। बारात जब मंदिर के पास गई, तब वहां कुछ दबंग भी मौजूद थे। उन्होंने बारातियों को भीतर आने से रोका, वे गेट पर ही खड़े रहे। विरोध होता देख बाराती मंदिर से लौटने लगे। इस घटनाक्रम की सूचना जब पुलिस को मिली तो थाना प्रभारी मंदिर पहुंचे और दूल्हे के चाचा को मंदिर में ले जाकर दर्शन कराए और माथा टिकवाया। पुलिस अफसरों ने दबंगों को भी समझाया तो वे भी मान गए। दूसरे बारातियों ने भी दर्शन किए।
क्या कहना है पुलिस का : पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मंदिर में प्रवेश के रोकने की बात गलत है। बारात ने मंदिर में दर्शन किए, लेकिन कुछ बाराती गर्भगृह में दर्शन करने जा रहे थे। इस बात को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। समाज के लोगों का आरोप था कि उनके साथ हमेशा ऐसा ही भेदभाव किया जाता है। उन्होंने हिंदू धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाने की चेतावनी दी है। फिलहाल, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर मामला शांत करा दिया है।
Edited By: Navin Rangiyal
दरअसल, घटना इंदौर के समीप बेटमा की है। जहां कुछ दबंगों ने दलितों का अपमान करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। उन्होंने बारात को मंदिर में जाने से रोका। विवाद की खबर पुलिस तक पहुंची तो मौके पर अफसर पहुंचे और मामला शांत कराया। यह उस दिन हुआ जब पूरे देश में संविधान निर्माता बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती मनाई जा रही थी और उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही थी।
क्या है पूरा मामला : बता दें कि बेटमा में रहने वाले अंकित बलाई की सोमवार को बारात निकल रही थी। परंपरा के अनुसार दूल्हा और कुछ बाराती मंदिर में जाकर भगवान राम के दर्शन करते हैं। बारात जब मंदिर के पास गई, तब वहां कुछ दबंग भी मौजूद थे। उन्होंने बारातियों को भीतर आने से रोका, वे गेट पर ही खड़े रहे। विरोध होता देख बाराती मंदिर से लौटने लगे। इस घटनाक्रम की सूचना जब पुलिस को मिली तो थाना प्रभारी मंदिर पहुंचे और दूल्हे के चाचा को मंदिर में ले जाकर दर्शन कराए और माथा टिकवाया। पुलिस अफसरों ने दबंगों को भी समझाया तो वे भी मान गए। दूसरे बारातियों ने भी दर्शन किए।
Edited By: Navin Rangiyal
