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इंदौर में रुक नहीं रहीं हत्याएं, पालतू कुत्ते के झगड़े में गार्ड ने की 2 लोगों की हत्या
Indore Crime News: मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में हत्याओं का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। पिछले 1 हफ्ते में 4 लोग मारे जा चुके हैं। इंदौर में पालतू कुत्तों के झगड़े में गुरुवार देर रात एक बैंक के सुरक्षा गार्ड की गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य व्यक्ति घायल हो गए।
शहर की कृष्णबाग कालोनी में एक सुरक्षागार्ड अपने कुत्ते को घुमा रहा था और उसका कुत्ता (dog) अपने पड़ोसी के कुत्ते से भिड़ गया और इसके कारण मालिकों के बीच हाथापायी हो गई। इस लड़ाई के कारण कुछ लोग वहां इकट्ठा हो गए। वह आदमी अचानक अपने घर गया और बंदूक (gun) लेकर आया तथा गोलियां चला दी। इस घटना में 2 लोगों की मौत हो गई और 6 लोगों का इलाज चल रहा है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इंदौर के एडीसीपी अमरेंद्र सिंह, के अनुसार आगे की जांच जारी है। एक सप्ताह में ही इंदौर में लगातार तीसरा बड़ा हत्याकांड हो गया। गुरुवार देर रात शहर में सनसनीखेज गोलीकांड गया। खजराना थाना क्षेत्र की कृष्णबाग कॉलोनी में कुत्तों को घुमाने को लेकर बैंक के गार्ड ने पड़ोसियों से विवाद के बाद अपनी 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक से दनादन गोलियां चला दीं।
बैंक ऑफ बड़ौदा की सुखलिया शाखा के गार्ड राजपाल राजावत ने घर की छत से पहले 2 हवाई फायर किए। इसके बाद भीड़ पर गोलियां बरसा दीं। इसमें वहां खड़े जीजा-साले की मौत हो गई, वहीं 6 अन्य घायल हैं। मृतक राहुल (28) पिता महेश वर्मा और विमल (35) पिता देवकरण अमचा बीचबचाव करने आए थे। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी राजपाल को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसकी बंदूक और लाइसेंस भी जब्त कर लिया गया है। आरोपी और मृतकों के घर आमने-सामने ही हैं। विमल का निपानिया में सैलून है। 8 साल पहले उसकी शादी राहुल की बहन आरती से हुई थी। उसकी 2 बेटियां हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात करीब 11 बजे आरोपी गार्ड राजपाल कुत्ते को घुमा रहा था। इस दौरान एक अन्य कुत्ता आ गया और दोनों कुत्ते लड़ने लगे। इस दौरान एक परिवार ने आपत्ति ली तो बहस हो गई। विवाद बढ़ा तो गार्ड भागते हुए घर गया और बंदूक लेकर पहली मंजिल पर पहुंचा और उसने गोलियां चलाने लगा।#WATCH एक आदमी अपने कुत्ते को घुमा रहा था और उसका कुत्ता अपने पड़ोसी के कुत्ते से लड़ गया और इसके कारण मालिकों के बीच हाथापाई हो गई, लड़ाई के कारण कुछ लोग वहां इकट्ठा हो गए। वह आदमी अचानक अपने घर गया और बंदूक लेकर आया तथा गोली चला दी। इस घटना में 2 लोगों की मौत हो गई और 6 लोगों… pic.twitter.com/5vJcwb1bfv
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 18, 2023
राहुल और विमल को गंभीर हालत में एमवाय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। ज्योति (30) पति राहुल, सीमा ( 36 ) पति सुखराम, कमल (50) पिता कड़वा, मोहित (21) पिता भीम सिंह, ललित (40) पिता नारायण बोरसे और प्रमोद सभी एमवायएच में भर्ती हैं। लगातार बढ़ रहे अपराधों पर पुलिस भी चिंतित है। इन सभी मामलों के पीछे नशा प्रमुख कारण सामने आ रहा है।
1 हफ्ते में 4 हत्याएं : मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में पिछले 1 हफ्ते में 4 हत्याएं हो चुकी है। इनमें से 2 हत्याएं रोडरेज मामले में हुई। शहर में पिछले 8 माह में 34 हत्याएं हुई है। यहां 2021 में 48 और 2022 में 61 हत्याएं हई थी।
कहां है पुलिस? : 'वेबदुनिया' की टीम ने हाल ही में शुक्रवार और शनिवार की आधी रात में शहर के कई हिस्सों में दौरा किया और पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्थाओं देखना चाहा तो जो हकीकत सामने आई वो चौंकाने वाली थी। बीआरटीएस समेत शहर के कुछ प्रमुख स्थानों पर कहीं कोई पुलिस जवान नजर नहीं आया। न कहीं कोई तैनाती थी और न ही कोई चेक पोस्ट। देर रात नशा करने वाले तेज स्पीड में बाइक्स दौडाते नजर आते, चिल्लाते नजर आते हैं, लेकिन उन्हें रोकने वाला कोई नजर नहीं आया। बता दें कि नाइट कल्चर में कई क्लब्स और पब से नौजवान नशे में झूमते हुए सडकों पर निकलते हैं, कई बार विवाद होते हैं तो कई बार वे आने जाने वाले आम लोगों के साथ बदसलूकी करते हैं। ऐसे में विवाद होने की पूरी आशंका रहती है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार अफसर? : अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर और ट्रैफिक) मनीष कपूरिया ने 'वेबदुनिया' को चर्चा में बताया कि इन हत्याओं के मामलों में हमने अपराध पंजीबद्ध किए हैं। आरोपियों की तलाश की जा रही है। जहां तक कमिश्नरी सिस्टम पर उठने वाले सवाल और इंदौर में अपराधों के ग्राफ की बात है तो हम इसे लेकर जीरो टॉलरेंस पर हैं। नाइट्रावेट और दूसरे तरह के नशों का सेवन करने वालों की भी पुलिस समय समय पर सर्चिंग और चैकिंग करती है।
कमिश्नरी का क्या फायदा? : बता दें कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा इंदौर में कमिश्नरी सिस्टम (Commissionerate System in Indore) इसलिए लागू किया गया था ताकि इंदौर में बढ़ते क्राइम के ग्राफ पर लगाम लगाई जा सके, लेकिन कमिश्नरी लागू होने के बाद भी इंदौर में लगातार अपराध की (Crime) सनसनीखेज घटनाएं सामने आ रही हैं। सरेआम हत्याएं हो रही हैं। इसके कुछ महीनों पहले 30 दिनों में 9 हत्याओं (Murder) से पूरे शहर में दहशत छा गई थी। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर कमिश्नर सिस्टम का क्या फायदा है, जब सरेआम और छोटे-मोटे विवाद में भी आम लोगों की हत्याएं कर दी जा रही है?
इंदौर में 2021 में लागू हुआ था कमिश्नर सिस्टम : प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj singh chouhan) ने 21 नवंबर 2021 को भोपाल और इंदौर में कमिश्नर प्रणाली लागू करने की घोषणा की थी। इसके बाद 9 दिसंबर 2021 को भोपाल और इंदौर में कमिश्नर प्रणाली लागू की गई। कमिश्नरी लागू होने के बाद दोनों शहरों में पूरी पुलिस अमले में बदलाव किया गया था। मकसद यह था कि कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद इंदौर और भोपाल में क्राइम के ग्राफ को नीचे लाया जा सके।
Edited by: Ravindra Gupta
