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मौनी अमावस्या कब है, क्या है पुण्य मुहूर्त और पूजा के तरीके

When is Mauni Amavasya
माघ माह की अमावस्या को मौनी अमावस्या भी कहते हैं। इस अमावस्या पर पितरों के निमित्त तर्पण और पिंडदान करने का खास महत्व होता है। इसी के साथ श्रीहरि विष्णु की पूजा फलदायी मानी गई है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार मौनी अमावस्या 21 जनवरी 2023 शनिवार के दिन रहेगी। शनिवार होने के कारण इसे शनि अमावस्या भी माना जाएगा। आओ जानते हैं पुण्य मुहूर्त और पूजा विधि।
 
मौनी का अर्थ मौन से होता है यानी इस दिन व्रत रखने वाले लोग पूरे दिन मौन धारण करते हैं। ऐसी मान्यता है कि मौनी अमावस्या के दिन मनु ऋषि का जन्म हुआ था। यह माघ मास की अमावस्या होती है इसीलिए इसे माघी अमावस्या भी कहते हैं। 
 
मौनी अमावस्या के मुहूर्त: 
 
अमावस्या प्रारंभ: सुबह 06 बजकर 19 मिनट से।
अमावस्या समापन: 22 जनवरी, 2023 की रात 02 बजकर 25 मिनट पर।
 
ब्रह्म मुहूर्त: प्रात: 05:27 से 06:20 तक।
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:11 से 12:54 तक।
गोधूलि मुहूर्त : शाम 05:48 से 06:15 तक।
सर्वार्थ सिद्धि योग : पूरे दिन
 
मौनी अमावस्या 2023 पूजा विधि: 
- ब्रह्म मुहूर्त में उठकर घर की साफ-सफाई करें करने के बाद स्नान करें। नदी स्नान हो तो बेहतर अन्यथा पानी में थोड़ा गंगाजल मिलकर स्नान करें।
- स्नान करते वक्त इस मंत्र का उच्चारण करें- ‘गंगा च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती, नर्मदे सिंधु कावेरी जलेस्मिन संनिधिम कुरु ||’
- स्नान करने के बाद, श्री हरि भगवान विष्णु के नाम का ध्यान करते हुए मौन रहने का संकल्प लें।
- मौन व्रत रखकर ही श्रही हरि विष्णु की पूजा और आरती करें।
- इस दिन तुलसी के पौधे की 108 बार परिक्रमा करें।
- पूजा-पाठ के बाद गरीबों को यथाशक्ति दान करें।
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