सम्बंधित जानकारी
- ऑस्ट्रेलिया में थम नहीं रही हिन्दू मंदिरों में तोड़फोड़, 2 महीने में चौथी बार खालिस्तान समर्थकों का हमला
- बृहदीश्वर मंदिर इतना विशाल कि 200 ताजमहल समा जाएं
- विदेशों में कहां-कहां स्थापित है श्री गणेश की प्रतिमा
- कामाख्या देवी मंदिर की यह 10 बड़ी बातें नहीं जानते होंगे आप
- Pakistan : कराची में मंदिर पर फिर हमला, हनुमानजी की मूर्ति को पहुंचाया नुकसान, दहशत में हिन्दू समुदाय, देखें वीडियो
साल में सिर्फ 1 हफ्ते के लिए खुलता है हसनंबा मंदिर, भगवान को खत लिखते हैं भक्त
कर्नाटक के पुराने मैसूर हासन जिला स्थित हसनंबा मंदिर को बहुत ही रहस्यमय माना जाता है। आज तक इस रहस्य को कोई नहीं समझ पाया कि आखिर ऐसा कैसे होता है? यह मंदिर वर्ष भर में सिर्फ एक हफ्ते के लिए खुलता है। जब यह खुलता है तो यहां पर हजारों की संख्या में लोग आते हैं और अपने लिखे खत देव को अर्पित करते हैं।
सालभर में 1 हफ्ते के लिए खुलता है मंदिर : कहते हैं कि यह मंदिर पूरे साल खुला नहीं रहता बल्कि यह दीपावली के दिन ही खुलता है और वह भी सिर्फ 1 सप्ताह के लिए। इसके बाद यह मंदिर अगली दिवाली तक के लिए बंद हो जाता है। मंदिर में हसनंबा देवी की पूजा होती है। कहते हैं कि होयसला शासनकाल में इस मंदिर का निर्माण हुआ था।
सालभर तक जलता रहता है दीपक और फूल रहते हैं ताजे : कहते हैं कि मंदिर में 1 सप्ताह तक पूजा-पाठ होती है और अंतिम दिन पूजा पाठ करने के बाद मंदिर के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं, जो फिर अगले साल ही खुलते हैं। अंतिम दिन मंदिर के दरवाजे बंद करने से पहले एक दीपक जला दिया जाता है जिसमें सीमित मात्रा में ही तेल डाला जाता है और साथ ही कुछ ताजे फूल रखे जाते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार यहां पर जब दीपावली के दिन मंदिर के दरवाजे खोले जाते हैं तो दीपक जलता हुआ मिलता है और इसके अलावा देवी हसनंबा पर जो फूल चढ़ाए गए थे, वो 1 साल बाद भी ताजा ही पाए जाते हैं। स्थानीय धारणा है कि देवी को जो प्रसाद चढ़ाया जाता है, वो अगले साल तक ताजा रहता है।
पत्र लिखकर मांगते हैं मनोकामना : यहां पर भक्तजन मनोकामना को पूरा करने के लिए भगवान को पत्र लिख रहे हैं। कहते हैं कि कई लोग तो अजीबोगरीब पत्र लिखते हैं।
