1. लाइफ स्‍टाइल
  2. साहित्य
  3. हिन्दी दिवस
  4. Poems on Hindi
Written By

हिन्दी दिवस पर कविता : हिन्दुस्तान के मस्तक की बिंदी...

Poems on Hindi
-संजय जोशी 'सजग'
 
भाषा जब सहज बहती,
संस्कृति, प्रकृति संग चलती।
 
भाषा-सभ्यता की संपदा,
सरल रहती अभिव्यक्ति सर्वदा।
 
कम्प्यूटर के युग के दौर में,
थोपी जा रही अंग्रेजी शोर में।
 
आधुनिकता की कहते इसे जान,
छीन रहे हैं हिन्दी का रोज मान।

mgid

 
हम सब मिलकर दें सम्मान,
निज भाषा पर करें अभिमान।

aniview

 
हिन्दुस्तान के मस्तक की बिंदी
जन-जन की आत्मा बने हिन्दी।
 
हिन्दी के प्रति होंगे हम 'सजग'
राष्ट्रभाषा को मानेगा सारा जग।

देखें वीडियो