सम्बंधित जानकारी
- क्या आपको भी है मोबाइल से जुड़ी ये आदत? क्या ये है बीमारी आइये जानते हैं?
- बदलती जीवनशैली की वजह से युवाओं में बढ़ रही है इनफर्टिलिटी की समस्या, जानिए क्या हैं कारण
- वेक-अप स्ट्रोक क्या है? जानें किन लोगों में रहता है इसका खतरा और बचाव के उपाय
- Shah Rukh Khan को क्यों हुई Heat Stroke की समस्या? डॉक्टर से जानें कितनी जानलेवा है ये बीमारी
- क्या पीरियड्स के दौरान स्तन और बगल में दर्द है चिंता का विषय ?
IVF और IUI में क्या है अंतर? जानिए कैसे तय करें कि आपको IVF करवाना चाहिए या IUI
निसंतान दम्पत्तियों के लिए उम्मीद की किरण हैं ये ट्रीटमेंट
ivf iui difference
IVF and IUI Difference : माता-पिता बनने की इच्छा हर कपल होती है। इसके लिए वे कई तरह के प्रयास भी करते हैं, लेकिन कई कपल्स को प्रेग्नेंसी या कंसीव करने के दौरान कई तरह की कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। कई कपल्स प्राकृतिक तरीके से कंसीव नहीं कर पाते हैं। ऐसे में कपल्स आईवीएफ या आईयूआई की मदद ले सकते हैं।
अगर आप भी इनकी मदद से कंसीव करने का प्लान कर रहे हैं तो आईवीएफ या आईयूआई के बीच का अंतर समझ लेना बहुत ही जरूरी होता है। ताकि आप अपने हिसाब से सही चुनाव कर सकें। आइए जानते हैं आईवीएफ और आईयूआई में क्या है अंतर?ALSO READ: गर्भाशय की ये समस्याएं बनती हैं इनफर्टिलिटी का कारण, समझिए किन कारणों से होती है कंसीव करने में परेशानी
आईवीएफ (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) क्या है? Whats is IVF (In-Vitro Fertilization)
आईवीएफ (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें भ्रूण का निर्माण लैब में शरीर के बाहर स्पर्म और एग की मिल्सिंग के द्वारा किया जाता है। जब लैब के डिश में भ्रूण विकसित हो जाता है, तो इसे महिला के गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है। इससे कंसीव करने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है।
आईवीएफ (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें भ्रूण का निर्माण लैब में शरीर के बाहर स्पर्म और एग की मिल्सिंग के द्वारा किया जाता है। जब लैब के डिश में भ्रूण विकसित हो जाता है, तो इसे महिला के गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है। इससे कंसीव करने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है।
आईयूआई (अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान) क्या है? - What is IUI (Intrauterine Insemination)
आईयूआई एक आधुनिक टेक्नीक है, जो इन्फर्टीलिटी के ट्रीटमेंट में काफी ज्यादा लाभकारी होती है। इस ट्रीटमेंट के दौरान महिला के गर्भाशय में स्पर्म को स्थापित किया जाता है। इस टेकनिक की मदद से एग और स्पर्म के बीच के संपर्क को बढ़ावा दिया जाता है। इससे भी प्रेग्नेंसी की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है।
आईयूआई एक आधुनिक टेक्नीक है, जो इन्फर्टीलिटी के ट्रीटमेंट में काफी ज्यादा लाभकारी होती है। इस ट्रीटमेंट के दौरान महिला के गर्भाशय में स्पर्म को स्थापित किया जाता है। इस टेकनिक की मदद से एग और स्पर्म के बीच के संपर्क को बढ़ावा दिया जाता है। इससे भी प्रेग्नेंसी की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है।
IUI और IVF के बीच क्या है अंतर? - Differences between IUI and IVF Fertility Treatments
आईयूआई और आईवीएफ प्रक्रियाओं के बीच काफी बड़ा अंतर होता है। आईवीएफ की प्रक्रिया के दौरान महिलाओं के शरीर के अंडों को बाहर निकालकर और पुरुषों के शरीर के स्पर्म को बाहर निकालकर निषेचित किया जाता है। इसमें भ्रूण का निर्माण लैब में होता है, जिसके बाद इसे गर्भाशय में स्थानांतिरित किया जाता है। वहीं, आईयूआई की प्रक्रिया में पुरुषों के स्पर्प को महिलाओं के गर्भाशय में सीधे तौर पर डाला जाता है, जिसकी मदद से प्रजनन क्षमता को बेहतर किया जाता है।
आईवीएफ में सुई की मदद से महिलाओं के अंडों को बाहर करके संजोयित किया जाता है। वहीं, आईयूआई में अंडों को बाहर नहीं किया जाता है।
अस्वीकरण (Disclaimer) : सेहत, ब्यूटी केयर, आयुर्वेद, योग, धर्म, ज्योतिष, वास्तु, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार जनरुचि को ध्यान में रखते हुए सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
