सम्बंधित जानकारी
- गोवा में रंगपंचमी के दिन मनाते हैं शिमिगो उत्सव
- holi puja vidhi : कैसे करें होलिका दहन पर पूजा, जानिए सबसे सही प्रामाणिक विधि
- फाल्गुन पूर्णिमा 2021 : रविवार, 28 मार्च को होगा होलिका दहन, जानिए इतिहास, कथा एवं नियम
- History of Holi Festival : होली का रंगबिरंगा इतिहास, आइए जानें इस पर्व की रोचक यात्रा
- Holi Festival and Color of Planet : नवग्रहों के नौ रंग, होली खेलिए इनके संग
होली पर लेते हैं आप भी भांग तो पहले यह नुकसान जान लीजिए, Family Planning पर हो सकता है असर
सर्वे रिपोर्ट : भांग के सेवन से Family Planning पर असर, जानिए कैसे
भांग के जितने फायदे हैं उतने ही नुकसान भी। इसका असर स्त्री और पुरुष दोनों पर होता है और यौन संबंधित समस्याओं पर भी पड़ता है। इसका अत्यधिक सेवन पुरुषों में प्रजनन क्षमता को खत्म भी कर सकता है। एक अध्ययन में दावा किया गया है कि भांग का सेवन करने वाले पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर विपरित असर पड़ सकता है। भांग के सेवन से शुक्राणुओं का आकार प्रभावित होता है।
शैफील्ड और मैनचेस्टर विश्वविद्यालयों ने किया अध्ययन
एक अनुसंधान दल ने यह पता लगाने की कोशिश की है कि जीवनशैली से जुड़े कारक शुक्राणुओं के आकार को किस तरह प्रभावित करते हैं। इसमें उन्होंने पाया कि गर्मी के महीनों में स्खलित वीर्य के शुक्राणुओं का आकार अच्छा नहीं था लेकिन जिन पुरुषों की यौन गतिविधि 6 दिन से अधिक समय बाद हुई उनके शुक्राणुओं का आकार बेहतर था। धूम्रपान, मद्यपान एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन का भी असर शुक्राणुओं पर देखा गया।
2,249 लोगों पर सर्वे
ब्रिटेन के करीब 14 प्रजनन केंद्रों में आए 2,249 लोगों से बातचीत के आधार पर किए गए इस अध्ययन के नतीजे ह्यूमन रिप्रोडक्शनजर्नल में प्रकाशित हुए हैं। शैफील्ड विश्वविद्यालय में एंड्रोलॉजी विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. एलन पेसी ने कहा कि हमारे आंकड़े सुझाव देते हैं कि भांग का सेवन करने वाले अगर परिवार शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो उनको इसका उपयोग बंद कर देना चाहिए।
प्रयोगशाला में किए गए अध्ययन से पता चलता है कि असामान्य आकार की वजह से शुक्राणु कम असरदार हो जाते हैं। शैफील्ड विश्वविद्यालय में एंड्रोलॉजी विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. एलन पेसी ने कहा कि हमारे आंकड़े सुझाव देते हैं कि भांग का सेवन करने वाले अगर परिवार शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो उनको इसका उपयोग बंद कर देना चाहिए। प्रयोगशाला में किए गए अध्ययन से पता चलता है कि असामान्य आकार की वजह से शुक्राणु कम असरदार हो जाते हैं।
