प्रसिद्ध नाटककार भीम वकानी का 84 वर्ष की आयु में निधन
Bhim Vakani : टेलीविजन जगत की लोकप्रिय अभिनेत्री दिशा वकानी और मयूर वकानी (सुंदरलाल) के पिता भीम वकानी पिछले कुछ समय से बीमार थे। वे रंगमंच, टेलीविजन और सिनेमा तीनों माध्यमों में दशकों तक सक्रिय रहे। उन्होंने अहमदाबाद में 'वकानी थिएटर्स' के माध्यम से कई यादगार नाटक दिए। प्रधानमंत्री से लेकर कला जगत की हस्तियों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
संतानों की सफलता और करियर में रहा महत्वपूर्ण योगदान
भीम वकानी ने अपने बच्चों को कला की शिक्षा देने और उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत की थी। 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के निर्माता असित मोदी और अभिनेता दिलीप जोशी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दिशा और मयूर आज जिस मुकाम पर हैं, उसके पीछे उनके पिता का मार्गदर्शन ही है। उन्होंने छोटी उम्र में ही दिशा को मुंबई भेजने का साहसिक निर्णय लिया था, जो उनके करियर के लिए निर्णायक साबित हुआ।
हिंदी फिल्मों और 'तारक मेहता...' में भी आए थे नजर
भीम वकानी केवल गुजराती रंगमंच तक सीमित नहीं थे, उन्होंने हिंदी सिनेमा में भी अपनी प्रतिभा दिखाई थी। उन्होंने आमिर खान की फिल्म 'लगान', शाहरुख खान की 'स्वदेश' और 'लज्जा' जैसी बड़ी फिल्मों में अहम भूमिकाएं निभाई थीं। इसके अलावा, उन्होंने 'तारक मेहता...' के एपिसोड 1320 में चंपक चाचा के दोस्त 'मावजी छेड़ा' का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया था।
अंतिम विदाई और कला जगत में शोक
भीम वकानी के पुत्र मयूर वकानी ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह दुखद जानकारी साझा की है। उनके अनुसार, भीम वकानी आज सुबह 'अरिहंत शरण' (देवलोक) प्राप्त कर चुके हैं। उनके पार्थिव देह की अंतिम यात्रा आज दोपहर 2:30 बजे उनके अहमदाबाद स्थित निवास स्थान से निकलेगी और थलतेज श्मशान गृह में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
इस दौरान परिवार के सदस्य और करीबी लोग उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए उपस्थित रहेंगे। उनकी विनम्रता, सादगी और कला के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ी के कलाकारों के लिए हमेशा प्रेरणादायी रहेगा। उनके जाने से गुजराती और हिंदी सिनेमा में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।
Edited By : Chetan Gour