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गुजरात में प्री-मानसून का बढ़ा खतरा, हाईवे पर दिखा डरावना 'फनल क्लाउड', मौसम विभाग ने दी चेतावनी

Pre monsoon threat intensifies in Gujarat, Weather Department issues warning
राजकोट-अहमदाबाद हाईवे पर बुधवार शाम को कुदरत का एक बेहद भयानक और अप्रत्याशित रूप देखने को मिला। शाम करीब 7:10 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदला और आसमान में बादलों से गुंथी हुई रस्सी जैसी एक अद्भुत आकृति सीधे जमीन की तरफ उतरती हुई दिखाई दी। इस नजारे को देखते ही हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों और स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैल गई। देखते ही देखते पूरे इलाके में तेज हवाओं के साथ धूल का गुबार उड़ने लगा, जिसके कारण वाहन चालकों को अपनी गाड़ियां हाईवे पर ही रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा।
 

तेज हवाओं और ओलावृष्टि से मची तबाही, पेट्रोल पंप क्षेत्र में भारी नुकसान

इस मिनी टॉरनेडो (बवंडर) के दौरान हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि हाईवे के डिवाइडर में लगे पौधे और आसपास की हल्की चीजें हवा में उखड़कर दूर जा गिरीं। विजिबिलिटी (दृश्यता) अचानक कम हो जाने से हाईवे पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई।
यह चक्रवाती आकृति धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए नजदीकी पेट्रोल पंप इलाके की तरफ चली गई, जहां तेज हवाओं और बड़े-बड़े ओले गिरने के कारण भारी नुकसान हुआ। कुदरत के इस प्रकोप और लगातार कड़कती बिजली से डरकर लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में भागदौड़ करने लगे।
 

मौसम विभाग का खुलासा : यह बवंडर नहीं, बल्कि खतरनाक 'फनल क्लाउड' था

इस अद्भुत और डरावनी घटना को लेकर मौसम विभाग के अधिकारियों ने बड़ा खुलासा किया है। उनके अनुसार, वर्तमान में प्री-मानसून गतिविधियां चल रही हैं, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर 'क्युमुलोनिम्बस क्लाउड' (CB Clouds) का निर्माण हुआ था।

इस प्रकार के बादल जमीन से महज 1000 से 1500 मीटर की कम ऊंचाई पर होते हैं, जिससे इनका एक हिस्सा जमीन की तरफ खिंचता हुआ दिखाई देता है। मौसम विज्ञान की भाषा में इसे 'फनल क्लाउड' कहा जाता है, जिसे आम बोलचाल में लोग मिनी टॉरनेडो समझ लेते हैं।

'फनल क्लाउड' जमीन को छुए तो हो सकती है भारी जानमाल की हानि

मौसम विशेषज्ञों ने आगे चेतावनी देते हुए बताया कि यह फनल क्लाउड दिखने में भले ही अनोखा लगे, लेकिन यह अत्यंत खतरनाक साबित हो सकता है। यह क्लाउड जिस जगह पर सीधे जमीन को छूता है, वहां भारी विनाश, संपत्ति को नुकसान और जानहानि होने की पूरी आशंका रहती है।
तेज हवाओं, बिजली की गड़गड़ाहट और ओलावृष्टि की ऐसी स्थिति के दौरान प्रशासन द्वारा लोगों को खुले में न रहने और तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की विशेष सलाह दी गई है।
Edited By : Chetan Gour
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