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मानसून से पहले गुजरात सरकार की नई गाइडलाइन: जर्जर कमरों में नहीं लगेगी क्लास, स्कूलों में फर्स्ट एड किट अनिवार्य
मानसून सीजन को देखते हुए गुजरात सरकार ने स्कूलों और हॉस्टलों के लिए नई सुरक्षा गाइडलाइन जारी की है। जर्जर कमरों में पढ़ाई पर रोक, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी के सख्त नियम, फर्स्ट एड किट अनिवार्य और भारी बारिश-बाढ़ के लिए इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
जर्जर कमरों पर प्रतिबंध और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी के कड़े नियम
छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार द्वारा जर्जर और असुरक्षित कमरों में कक्षाएं चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। स्कूल और हॉस्टल की छत, मैदान तथा जलजमाव की संभावना वाले क्षेत्रों की समय पर सफाई करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, बिजली से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खुले तारों, दोषपूर्ण अर्थिंग और खतरनाक वायरिंग को तुरंत ठीक करने के साथ-साथ स्कूलों में केवल ISI मार्क वाले बिजली उपकरणों का ही उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है।
भारी बारिश और बाढ़ के लिए इमरजेंसी प्रोटोकॉल तैयार
भारी बारिश या बाढ़ जैसी आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया (Quick Response) मिल सके, इसके लिए स्कूलों को विशेष इमरजेंसी प्रोटोकॉल तैयार रखने और प्रशासन के साथ आवश्यक समन्वय बनाए रखने के लिए कहा गया है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए स्कूलों में फर्स्ट एड और इमरजेंसी किट अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखनी होगी। मूसलाधार बारिश या बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में स्थानीय परिस्थितियों और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन के साथ मिलकर तुरंत कदम उठाने होंगे।
निर्माण कार्य को लेकर विशेष सावधानी
स्कूल प्रबंधन से जुड़े नियमों में स्पष्ट किया गया है कि सक्षम प्राधिकारी (सटीक अधिकारी) की पूर्व अनुमति के बिना स्कूल बंद नहीं किए जा सकते और न ही उनके समय सारिणी (टाइम-टेबल) में बदलाव किया जा सकता है। इसके अलावा, जिन स्कूलों के कैंपस में वर्तमान में निर्माण कार्य चल रहा है, वहां छात्रों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने और छात्रों की आवाजाही वाले क्षेत्र की बैरिकेडिंग करके उसे पूरी तरह से सुरक्षित करने का कड़ा आदेश दिया गया है।
