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गुजरात में 5 वेदर सिस्टम सक्रिय होने से भारी आफत, समंदर में बदला नवसारी शहर

Gujarat heavy rain
Navsari floods: गुजरात पर एक साथ पांच शक्तिशाली मौसम प्रणालियों (Weather Systems) के सक्रिय होने से दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र में प्रकृति ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। मूसलाधार बारिश के चलते नवसारी शहर पूरी तरह जलमग्न होकर समंदर में तब्दील हो गया है, वहीं सूरत के पलसाना में रिकॉर्ड 18 इंच बारिश दर्ज की गई है। राज्य में गहराते जलसंकट और बाढ़ जैसे हालातों को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कैबिनेट बैठक में स्थिति की उच्च स्तरीय समीक्षा की है और राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की 36 टीमों को मैदान में उतार दिया है।

कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी के अनुसार, आज 8 जुलाई को सुबह 6 बजे से 10 बजे के बीच ही राज्य के 59 तालुकों में भारी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिसमें वलसाड जिले के कपराडा में 1.26 इंच और नानापोंढा में 1.14 इंच पानी बरसा है। मौसम विज्ञानियों ने आज नवसारी, वलसाड और डांग जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी करते हुए अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके अतिरिक्त सूरत, तापी, नर्मदा, छोटा उदेपुर, दाहोद, अमरेली और भावनगर जिलों में भी गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। ALSO READ: Weather Update : मानसून का कहर : महाराष्‍ट्र, गुजरात और राजस्थान में कई शहर पानी-पानी, IMD ने फिर जारी किया अलर्ट

ड्रोन कैमरों में कैद हुई नवसारी की डरावनी तस्वीरें

लगातार जारी मूसलाधार बारिश के कारण नवसारी शहर में स्थिति अत्यंत भयावह हो गई है। कैचमेंट एरिया (ऊपरी इलाकों) में हुई भारी बारिश और स्थानीय जलभराव के कारण पूरा नवसारी एक विशाल समंदर की भांति दिखाई दे रहा है। ड्रोन से ली गई डराने वाली तस्वीरों में शहर के मुख्य मार्ग, रिहायशी सोसायटियां और बड़े व्यावसायिक परिसर पूरी तरह पानी में डूबे नजर आ रहे हैं। सड़कों ने नदियों का रूप ले लिया है और मुख्य चौराहों पर खड़ी गाड़ियां नावों की तरह तैरती दिखाई दे रही हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी दहशत और चिंता का माहौल है।

पलसाना में 18 इंच और कामरेज में 17 इंच पानी गिरा

पिछले 24 घंटों के दौरान गुजरात के 195 तालुकों में बादलों कहर ढा दिया। इनमें से 6 तालुके ऐसे हैं जहां 10 इंच से अधिक की विनाशकारी बारिश दर्ज हुई है। सबसे गंभीर स्थिति सूरत जिले के पलसाना तालुका की है, जहां इस मानसून की सर्वाधिक 18 इंच बारिश ने सब कुछ जलमग्न कर दिया है। इसके अलावा कामरेज में 17 इंच, नवसारी में 15 इंच, सूरत शहर में 14 इंच, कपराडा में 13 इंच और जलासपोर में 11 इंच बारिश दर्ज होने से चारों तरफ जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। ALSO READ: गुजरात में बादलों का तांडव, हाईवे जाम, वाहनों की लंबी कतारें, कई जगह रास्ते ही बह गए

बांधों पर हाई अलर्ट, राहत के लिए NDRF-SDRF तैनात

भारी वर्षा के कारण गुजरात के तमाम नदी-नाले उफान पर हैं और जलाशयों में पानी की भारी आवक हो रही है। जीवनदायिनी नर्मदा बांध में वर्तमान में 2.17 लाख MCFT पानी का स्टॉक जमा हो चुका है, जो उसकी कुल क्षमता का लगभग 65 प्रतिशत है। इसके अलावा राज्य के अन्य 206 जलाशय भी 40.01 प्रतिशत तक भर गए हैं। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने 11 बांधों को 'हाई अलर्ट' और 4 बांधों को 'अलर्ट' पर रखा है।
 
आपदा प्रबंधन विभाग अब तक 1,528 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित कर चुका है और बाढ़ में फंसे 134 लोगों का सफल रेस्क्यू किया गया है। आपातकालीन सुरक्षा के मद्देनजर NDRF और SDRF की 36 टीमें विभिन्न संवेदनशील जिलों में तैनात की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने दिए त्वरित सहायता के कड़े निर्देश

हालात की गंभीरता को देखते हुए गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विशेष रूप से सूरत शहर और जिला क्षेत्रों में पैदा हुई बाढ़ जैसी विकट स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों की गति को और तेज करने के आदेश दिए हैं। सीएम पटेल ने कड़ा रुख अपनाते हुए विभिन्न जिलों के प्रभारी सचिवों को अपने-अपने क्षेत्रों का व्यक्तिगत दौरा करने और प्रभारी मंत्रियों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने का निर्देश दिया है, ताकि प्रभावित नागरिकों तक भोजन, चिकित्सा और पुनर्वास की आवश्यक सुविधाएं बिना किसी देरी के पहुंचाई जा सकें।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
लेखक के बारे में
वृजेन्द्रसिंह झाला
वृजेन्द्रसिंह झाला पिछले 30 से ज्यादा वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रिंट एवं डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य का अनुभव। वर्तमान में वेबदुनिया की न्यूज टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।    अनुभव : वृजेन्द्रसिंह झाला तीन दशक से ज्यादा का प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया का अनुभव है। वर्तमान.... और पढ़ें