सम्बंधित जानकारी
- कांग्रेस के गढ़ में राहुल की सभा में खाली कुर्सियां
- गुजरात चुनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने घटाई जीएसटी की दरें : कांग्रेस
- गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की कंपनी पर हेरफेर का आरोप, लाखों का जुर्माना
- गुजरात एवं हिमाचल में केसरिया की बयार
- पाटीदार आरक्षण पर नहीं बनी बात, कांग्रेस ने दिए तीन विकल्प
'भरोसेमंद' साथी ने बढ़ाई कांग्रेस की मुश्किलें
अहमदाबाद। गुजरात में विपक्षी दल कांग्रेस की 'मुश्किलें' बढ़ाते हुए इसके साथ चुनावी गठजोड़ के लिए पहले ही घोषणा कर चुके इसके 'भरोसमंद' साथी तथा जदयू (शरद) गुट के प्रदेश अध्यक्ष छोटू वसावा ने शनिवार को कम से कम 25 सीटों की मांग कर डाली।
पिछली बार के चुनाव में जदयू (एकीकृत) के एकमात्र विजेता उम्मीदवार रहे वसावा ने आठ अगस्त को गुजरात राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अहमद पटेल के पक्ष में मतदान कर उनकी नजदीकी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इसके बाद उन्होंने कुछ सप्ताह पहले श्रीमती सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद कांग्रेस के साथ मिलकर गुजरात चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। वसावा ने आज कहा कि उनका दल केवल दो या तीन सीटों से संतोष नहीं करेगा। इसे 25 सीटें चाहिए। कांग्रेस भी गुजरात में बिना गठजोड़ के जीत नहीं सकती।
ज्ञातव्य है कि अपने समर्थक पाटीदार नेता हार्दिक पटेल और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी तथा पार्टी में शामिल हो चुके ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर के समर्थकों को सीटें देने और पुराने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से भी टिकट के कथित दबाव झेल रही कांग्रेस के लिए यह नया बखेड़ा साबित हो सकता है।
हालांकि समझा जाता है कि शुरू से ही अपने अप्रत्याशित व्यवहार के लिए जाने जाने वाले आदिवासी नेता वसावा सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए ही इतनी सीटें मांग रहे हैं। 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा के लिए चुनाव दिसंबर में दो चरण में होना है। कांग्रेस इसके लिए अपने करीब 70 उम्मीदवारों की पहली सूची 16 नवंबर को जारी करेगी। (वार्ता)
