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विश्व मानक दिवस क्यों मनाया जाता है
विश्व मानक दिवस हर साल 14 अक्टूबर को विश्व स्तर पर मनाया जाता है। इस दिवस को विश्व स्तर पर मनाने का खास मकसद है उपभोक्ताओं, नियामकों और उद्योग के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था के मानकीकरण के बारे में जागरूकता फैलाना। यह दिवस पहली बार 1970 में आयोजित किया गया था। वहीं भारतीय मानक ब्यूरो भारत में राष्ट्रीय मानक निर्धारित करने वाले भी संस्था है। जिसका पहले नाम भारतीय मानक संस्थान था। 1947 में इसकी स्थापना हुई थी।
मानक की परिभाषा क्या है ?
मानक से तात्पर्य है ऐसे डॉक्यूमेंट्स जो विशिष्ट जानकारी उपलब्ध कराता है और यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी सामग्री, उत्पाद, प्रकिया या अन्य चीजें उनका उपयोग किया जा सकता है।
मानक से तात्पर्य है ऐसे डॉक्यूमेंट्स जो विशिष्ट जानकारी उपलब्ध कराता है और यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी सामग्री, उत्पाद, प्रकिया या अन्य चीजें उनका उपयोग किया जा सकता है।
विश्व मानक दिवस आईईसी, आईटीयू और आईएसओ के सदस्य देशों में विश्व मानक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी सहमतियों बनाने वालों के सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। इस दिवस पर हर साल पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की जाती है जिसमें विश्व मानक दिवस पर सबसे अच्छा पोस्टर का चयन किया जाता है। हर वर्ष अलग-अलग थीम पर पोस्टर बनाए जाते हैं। साल 2021 की थीम है 'सतत विकास लक्ष्यों के लिए मानक - एक बेहतर दुनिया के लिए साझा दृष्टिकोण।
आईईसी (अंतर्राष्ट्रीय विद्युत तकनीकी आयोग), आईएसओ (अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन) और आईटीयू (अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ) के स्वैच्छिक सहमति आधारित अंतर्राष्ट्रीय मानकों को मजबूत और विकसित बनाने के लिए वर्ष 2001 में वर्ल्ड स्टैंडर्ड कॉरपोरेशन की स्थापना की गई।
