1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. गणेशोत्सव
  4. Shri Ganesha Aarti

श्री गणेश की पावन आरती : सुखकर्ता दुखहर्ता...। Shri Ganesha Aarti

Shri Ganesha Aarti
* श्री गणेश आरती
 
सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची।
नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची।
सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची।
कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची॥
 
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति।
दर्शनमात्रे मन कामनापूर्ति॥ जय देव...
 
रत्नखचित फरा तूज गौरीकुमरा।
चंदनाची उटी कुंकुमकेशरा।
हिरेजड़ित मुकुट शोभतो बरा।
रुणझुणती नूपुरे चरणी घागरिया॥ जय देव...
 
लंबोदर पीतांबर फणीवर बंधना।
सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना।
दास रामाचा वाट पाहे सदना।
संकष्टी पावावें, निर्वाणी रक्षावे,
सुरवरवंदना॥ 
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति।
दर्शनमात्रे मन कामनापूर्ति॥ जय देव...
 
अगला लेख
हिन्दी भाषा पर कविता : हम सब मिलकर दें सम्मान