1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. एकादशी व्रत कथा
  4. Importence on Ekadashi

15 मई मोहिनी एकादशी, क्यों माना गया है इसका अधिक महत्व, जानिए 11 खास बातें। Mohini Ekadashi 2019

Importence on Ekadashi
वैशाख शुक्ल एकादशी यानी मोहिनी एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना करने से जहां सुख-समृद्धि बढ़ती है वहीं शाश्वत शांति भी प्राप्त होती है। इस वर्ष मोहिनी एकादशी वैशाख शुक्ल एकादशी यानी 15 मई 2019, बुधवार को आ रहा है। अत: इस दिन व्रत-उपवास रखकर मोह-माया के बंधन से मु‍क्त होने के लिए यह एकादशी बहुत लाभदायी है। 

संसार में आकर मनुष्य केवल प्रारब्ध का भोग ही नहीं भोगता अपितु वर्तमान को भक्ति और आराधना से जोड़कर सुखद भविष्य का निर्माण भी करता है। एकादशी व्रत का महात्म्य भी हमें इसी बात की ओर संकेत करता है।  जानिए 11 खास बातें :- 
 
* स्कंद पुराण के अनुसार मोहिनी एकादशी के दिन समुद्र मंथन में निकले अमृत का बंटवारा हुआ था। स्कंद पुराण के अवंतिका खंड में शिप्रा को अमृतदायिनी, पुण्यदायिनी कहा गया। अत: मोहिनी एकादशी पर शिप्रा में अमृत महोत्सव का आयोजन किया जाता है। 
 
इसलिए कहते हैं - तत सोमवती शिप्रा विख्याता यति पुण्यदा पवित्राय...। 
 
* अवंतिका खंड के अनुसार मोहिनी रूपधारी भगवान विष्णु ने अवंतिका नगरी में अमृत वितरण किया था। देवासुर संग्राम के दौरान मोहिनी रूप रखकर राक्षकों को चकमा दिया और देवताओं को अमृत पान करवाया। यह दिन देवासुर संग्राम का समापन दिन भी माना जाता है।
 
* मोहिनी एकादशी के अवसर पर श्रद्धालुओं को सुबह से ही पूजा-पाठ, प्रातःकालीन आरती, सत्संग, एकादशी महात्म्य की कथा, प्रवचन सुनना चाहिए। 
 
* साथ ही भगवान विष्णु को चंदन और जौ चढ़ाने चाहिए क्योंकि यह व्रत परम सात्विकता और आचरण की शुद्धि का व्रत होता है। अत: हमें अपने जीवन काल में धर्मानुकूल आचरण करते हुए मोक्ष प्राप्ति का मार्ग ढूंढना चाहिए।
 
* एकादशी व्रत बहुत सावधानी का व्रत है। 
 
* एका‍दशी के दिन चावल खाना वर्जित हैं। 
 
* यह एकादशी व्रत समस्त पापों का क्षय करता है तथा व्यक्ति के आकर्षण प्रभाव में वृद्धि करता है। 
 
* इस व्रत को करने से मनुष्य को समाज, परिवार तथा देश में प्रतिष्ठा मिलती है तथा उसकी ख्याति चारों ओर फैलती है।
 
* यह व्रत सभी मोह बंधनों से मुक्त करने वाला है और समस्त पापों का नाश करने वाला है। 
 
* एकादशी व्रत के प्रभाव से मनुष्य को मृत्यु के बाद मिलने वाली नर्क की यातनाओं से छुटकारा मिलता है। 
 
* विष्णु पुराण के अनुसार मोहिनी एकादशी का विधिवत व्रत करने से मनुष्य मोह-माया के बंधनों से मुक्त हो जाता है। साथ ही व्रती के समस्त पापों का नाश हो जाता है।

 
अगला लेख
14 मई : फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग के जन्मदिन पर जानिए उनसे जुड़ीं 10 बातें