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कार्तिक पूर्णिमा के दिन घटी थी ये 7 घटनाएं इसलिए मनाते हैं देव दिवाली
Kartik purnima 2022: कार्तिक मास की पूर्णिमा को कार्तिक पूर्णिमा कहते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 8 नवंबर 2022 रहेगी की यह पूर्णिमा। कार्तिक मास में 3 दिवाली आती हैं। कार्तिक मास की कृष्ण चतुर्दशी को छोटी दिवाली जिसे नरक चतुर्दशी भी कहते हैं। इसके बाद अमावस्या को बड़ी दिवाली मनाते हैं एवं पूर्णिमा को देव दिवाली मनाते हैं। आओ जानते हैं कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन कौनसी 7 घटनाएं घटी थीं।
1. त्रिपुरासुर का संहार : पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का संहार किया था जिससे वो त्रिपुरारी रूप में पूजित हुए।
2. मत्स्य अवतार : इसी दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था।
3. श्रीकृष्ण को आत्मबोध हुआ : कहते हैं कि कार्तिक पूर्णिमा को ही श्रीकृष्ण को आत्मबोध हुआ था।
4. तुलसीजी का प्राकट्य दिवस : यह भी कहा जाता है कि इसी दिन देवी तुलसीजी का प्राकट्य हुआ था।
5. देवताओं की दिवाली का दिन : देवउठनी एकादशी के दिन देवता जागृत होते हैं और कार्तिक पूर्णिमा के दिन वे यमुना तट पर स्नान कर दिवाली मनाते हैं, इसीलिए इसे देव दिवाली कहते हैं।
6. महापुनीत पर्व : इस पूर्णिमा को ब्रह्मा, विष्णु, शिव, अंगिरा और आदित्य आदि ने महापुनीत पर्व प्रमाणित किया है।
7. गुरुनानकजी का जन्म : इसी दिन गुरुनानक देवजी महाराज का जन्म हुआ था।
