1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. कोरोना वायरस
  4. students exam before online classes in corona time

कोरोना के साइड इफेक्ट, ऑनलाइन क्लास के पहले रोज होती है परीक्षा, चढ़ना पड़ती है पहाड़ी

CoronaVirus
पणजी। कोविड-19 महामारी के दौरान भी पढ़ाई जारी रखने का जुनून ही है जो गोवा के छात्रों का एक समूह ऑनलाइन क्लास करने के लिए हर रोज तीन किलोमीटर की चढ़ाई करके पहाड़ी पर पहुंचता है क्योंकि वन्यजीव अभ्यारण्य में स्थित इस पहाड़ी पर इंटरनेट कनेक्टिविटी अच्छी मिलती है।
 
इस समूह में 25 छात्र हैं जिनमें कई लड़कियां भी हैं। बीते कई महीनों से उनकी दिनचर्या में शामिल है दक्षिण गोवा जिले के संगम तालुका में पहाड़ी पर चढ़ाई करना। इसमें जो खतरे हैं उनसे भी उनका हौसला नहीं डिगता।
 
कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के चलते तटीय राज्य में शैक्षणिक संस्थान मार्च से ही बंद हैं और यहां भी शिक्षण ऑनलाइन ही हो रहा है।
 
संगम तालुका के कुमारी और पात्रे जैसे गांव पणजी के दक्षिण में करीब 100 किमी की दूरी पर स्थित हैं। यहां के छात्र नेत्रावली वन्यजीव अभयारण्य में कुमार पहाड़ी पर नियमित तौर पर तीन किलोमीटर की चढ़ाई करते हैं क्योंकि यहां पर उनके मोबाइल फोन पर सिग्नल अच्छे मिलते हैं और ऑनलाइन क्लास करना संभव हो पाता है।
 
इंजीनियरिंग की छात्रा नीलिमा एकदो ने बताया, 'हम सुबह करीब 8 बजे यहां आते हैं और दोपहर एक बजे तक कक्षाएं होने के बाद घर लौटते हैं।'
 
प्रविता गांवकर कॉलेज में पढ़ती हैं, वह कहती हैं कि यहां कई बार उनका सांपों से सामना हो जाता है। लेकिन ऑनलाइन क्लास करने के लिए यहां आना उनकी मजबूरी है।
 
जिला प्रशासन से जब इस बारे में पूछा गया तो एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रयास किए जा रहे हैं कि इलाके में बीएसएनएल के सभी टॉवर सुचारू रूप से काम करें। उन्होंने यह भी कहा कि खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण छात्रों को जो परेशानियां आ रही हैं उनके बारे में जिला कलेक्ट्रेट में हुई बैठकों में बात भी की गई है। (भाषा)
अगला लेख
झारखंड में नक्सलियों का तांडव, लोडर और डंपर में आग लगाकर की जमकर गोलीबारी