सम्बंधित जानकारी
- राहुल गांधी ने ली टीके की पहली खुराक, दो दिन नहीं आए संसद
- 18 से अधिक उम्र के हैं और AstraZeneca Vaccine लगवाने के बारे में सोच रहे हैं, इससे मिलेगी मदद...
- छोटे शहरों में Corona टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए CII ने किया सीरम से समझौता
- बड़ी खबर, चेचक जितनी आसानी से फैल सकता है Corona का Delta Variant
- 2 वैक्सीनों के कॉकटेल से तैयार होगी नई कोरोना वैक्सीन, मिश्रण के क्लिनिकल ट्रायल को मंजूरी
‘मॉडर्ना’ की वैक्सीन को मिली डीसीजीआई से मंजूरी, सिप्ला करेगी आयात
भारतीय औषधि नियामक डीसीजीआई (भारतीय औषधि महानियंत्रक) ने शुक्रवार को अमेरिकी फार्मास्यूटिकल कंपनी मॉडर्ना के कोरोना वायरस रोधी टीके को अनुमति दे दी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुंबई की फार्मास्यूटिकल कंपनी सिप्ला को मॉडर्ना के टीके का आयात करने की मंजूरी दी गई है। मॉडर्ना का टीका देश में उपलब्ध होने वाला चौथा टीका होगा।
उल्लेखनीय है कि अभी तक देश में टीकाकरण के लिए भारत बायोटेक की कोवाक्सीन, ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड और रूस की स्पूतनिक वी वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है। मॉडर्ना की वैक्सीन भी दो खुराक वाली है और 18 वर्ष से अधिक आयु वाले किसी भी व्यक्ति को लगाई जा सकेगी। इसकी दो खुराकों के बीच 28 दिनों का अंतर रहेगा।
कोवाक्स (COVAX) प्रोग्राम के तहत भारत को मॉडर्ना टीके की 75 लाख खुराकों की पेशकश की गई थी। 29 जून को डीसीजीआई ने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की विषय विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए मॉडर्ना के टीके को अनुमति देने का रास्ता साफ किया था। कोवाक्स का लक्ष्य कोरोना टीकों तक सबकी पहुंच आसान बनाना है।
उल्लेखनीय है कि अभी तक देश में टीकाकरण के लिए भारत बायोटेक की कोवाक्सीन, ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड और रूस की स्पूतनिक वी वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है। मॉडर्ना की वैक्सीन भी दो खुराक वाली है और 18 वर्ष से अधिक आयु वाले किसी भी व्यक्ति को लगाई जा सकेगी। इसकी दो खुराकों के बीच 28 दिनों का अंतर रहेगा।
कोवाक्स (COVAX) प्रोग्राम के तहत भारत को मॉडर्ना टीके की 75 लाख खुराकों की पेशकश की गई थी। 29 जून को डीसीजीआई ने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की विषय विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए मॉडर्ना के टीके को अनुमति देने का रास्ता साफ किया था। कोवाक्स का लक्ष्य कोरोना टीकों तक सबकी पहुंच आसान बनाना है।
