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सीएसआईआर प्रयोगशाला में भी हो सकेगा कोविड-19 किट की वैधता का परीक्षण
उमाशंकर मिश्र,
वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला कोशकीय एवं आणविक जीवविज्ञान केंद्र (सीसीएमबी) में भी अब कोविड-19 से संबंधित परीक्षण किट की वैधता का परीक्षण एवं प्रमाणीकरण हो सकेगा।
इस पहल के बाद सीएसआईआर-सीसीएमबी भी अब भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा चयनित देश के उन चुनिंदा केंद्रों में शामिल हो गया है, जहां पर कोविड-19 के परीक्षण में उपयोग होने वाली किट का प्रमाणीकरण किया जा सकेगा।
इससे पहले कोविड-19 की जाँच किट के प्रमाणीकरण के लिए सिर्फ आईसीएमआर से संबद्ध चार केंद्र संचालित हो रहे थे। इन चार केंद्रों में पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान एवं राष्ट्रीय एड्स अनुसंधान संस्थान के अलावा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पैथोलॉजी, नई दिल्ली और राष्ट्रीय कॉलरा एवं आंत्र रोग संस्थान, कोलकाता शामिल थे। सीएसआईआर-सीसीएमबी को इस काम के लिए चुने जाने के बाद अब देश में कोविड-19 की परीक्षण किट का प्रमाणीकरण करने वाले पाँच केंद्र हो गए हैं।
सीएसआईआर-सीसीएमबी के निदेशक डॉ राकेश मिश्रा ने कहा है कि “कोरोना का प्रकोप बढ़ने के साथ-साथ 31 मार्च, 2020 के बाद से सीसीएमबी कोविड-19 के परीक्षण केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है, और तेलंगाना के 33 जिलों के अस्पतालों के साथ काम कर रहा है। सीसीएमबी ने राज्य के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों और कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित किया है। किट प्रमाणीकरण की यह नयी जिम्मेदारी मिलने के बाद कोविड-19 से खिलाफ लड़ाई में विभिन्न हितधारकों को एक साथ लाने में हम हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज इंडस्ट्री की मदद कर सकेंगे।"
कोविड-19 किट के प्रमाणीकरण से जुड़ा सीएसआईआर-सीसीएमबी अभी तक एकमात्र ऐसा उत्कृष्टता केंद्र है, जो आईसीएमआर से संबद्ध नहीं है। आईसीएमआर द्वारा निर्धारित इन उत्कृष्टता केंद्रों पर कोविड-19 की जाँच के लिए उपयोग होने वाली उन परीक्षण किटों का प्रमाणीकरण किया जा रहा है, जो अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) और ईयूए/सीई-आईवीडी से मान्यता प्राप्त नहीं हैं। ईयूए (Emergency Use Authorization) से तात्पर्य यहां पर आपातकालीन उपयोग के लिए अनुमोदन से है। जबकि, सीई मार्किंग इन-विट्रो डिवाइसेज (आईवीडी) उपकरणों से संबंधित यूरोपीय दिशा-निर्देशों के अनुपालन को दर्शाता है।
एफडीए और ईयूए/सीई-आईवीडी से मान्यता प्राप्त किट भारत में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) से अनुमोदन के बाद और आईसीएमआर को सूचित करने के बाद सीधे उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, सीएसआईआर-सीसीएमबी को प्रमाणीकरण केंद्र के रूप में चुने जाने को महत्वपूर्ण माना जाना रहा है, क्योंकि भारत में कोविड-19 परीक्षण बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। दूसरे देशों से आयात होने वाली किटों की कमी को देखते हुए भारत में अपनी परीक्षण किट विकसित करने की आवश्यकता बढ़ गई है।
देशभर में कई स्टार्ट-अप और लाइफ साइंस कंपनियों को इस तरह की किट विकसित करने की उनकी क्षमता के लिए चिह्नित किया गया है। इन किटों के विकसित होने पर उन्हें जल्दी से जल्दी मान्यता दिलाने की आवश्यकता होगी, ताकि परीक्षण किटों का उपयोग कोविड-19 का पता लगाने के लिए किया जा सके। इस काम में ये उत्कृष्टता केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। (इंडिया साइंस वायर)
वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला कोशकीय एवं आणविक जीवविज्ञान केंद्र (सीसीएमबी) में भी अब कोविड-19 से संबंधित परीक्षण किट की वैधता का परीक्षण एवं प्रमाणीकरण हो सकेगा।
इस पहल के बाद सीएसआईआर-सीसीएमबी भी अब भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा चयनित देश के उन चुनिंदा केंद्रों में शामिल हो गया है, जहां पर कोविड-19 के परीक्षण में उपयोग होने वाली किट का प्रमाणीकरण किया जा सकेगा।
इससे पहले कोविड-19 की जाँच किट के प्रमाणीकरण के लिए सिर्फ आईसीएमआर से संबद्ध चार केंद्र संचालित हो रहे थे। इन चार केंद्रों में पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान एवं राष्ट्रीय एड्स अनुसंधान संस्थान के अलावा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पैथोलॉजी, नई दिल्ली और राष्ट्रीय कॉलरा एवं आंत्र रोग संस्थान, कोलकाता शामिल थे। सीएसआईआर-सीसीएमबी को इस काम के लिए चुने जाने के बाद अब देश में कोविड-19 की परीक्षण किट का प्रमाणीकरण करने वाले पाँच केंद्र हो गए हैं।
कोविड-19 किट के प्रमाणीकरण से जुड़ा सीएसआईआर-सीसीएमबी अभी तक एकमात्र ऐसा उत्कृष्टता केंद्र है, जो आईसीएमआर से संबद्ध नहीं है। आईसीएमआर द्वारा निर्धारित इन उत्कृष्टता केंद्रों पर कोविड-19 की जाँच के लिए उपयोग होने वाली उन परीक्षण किटों का प्रमाणीकरण किया जा रहा है, जो अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) और ईयूए/सीई-आईवीडी से मान्यता प्राप्त नहीं हैं। ईयूए (Emergency Use Authorization) से तात्पर्य यहां पर आपातकालीन उपयोग के लिए अनुमोदन से है। जबकि, सीई मार्किंग इन-विट्रो डिवाइसेज (आईवीडी) उपकरणों से संबंधित यूरोपीय दिशा-निर्देशों के अनुपालन को दर्शाता है।
एफडीए और ईयूए/सीई-आईवीडी से मान्यता प्राप्त किट भारत में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) से अनुमोदन के बाद और आईसीएमआर को सूचित करने के बाद सीधे उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, सीएसआईआर-सीसीएमबी को प्रमाणीकरण केंद्र के रूप में चुने जाने को महत्वपूर्ण माना जाना रहा है, क्योंकि भारत में कोविड-19 परीक्षण बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। दूसरे देशों से आयात होने वाली किटों की कमी को देखते हुए भारत में अपनी परीक्षण किट विकसित करने की आवश्यकता बढ़ गई है।
देशभर में कई स्टार्ट-अप और लाइफ साइंस कंपनियों को इस तरह की किट विकसित करने की उनकी क्षमता के लिए चिह्नित किया गया है। इन किटों के विकसित होने पर उन्हें जल्दी से जल्दी मान्यता दिलाने की आवश्यकता होगी, ताकि परीक्षण किटों का उपयोग कोविड-19 का पता लगाने के लिए किया जा सके। इस काम में ये उत्कृष्टता केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। (इंडिया साइंस वायर)
