सम्बंधित जानकारी
- CoronaVirus India Update : लगातार 5वें दिन 40,000 से ज्यादा नए मामले, 10 राज्यों ने बढ़ाई चिंता
- Corona मामलों को लेकर चौंकाने वाला दावा, एक केस मिला तो 30 का पता ही नहीं चला
- COVID-19 : 10 राज्यों में संक्रमण के मामलों ने बढ़ाई चिंता, केंद्र सरकार ने दिए निर्देश
- दिल्ली में Covid 19 के 58 नए मामले, 1 संक्रमित की मौत, संक्रमण दर घटी
- सीरो सर्वेक्षण में तमिलनाडु की 66 फीसदी आबादी में Covid 19 प्रतिरोधी क्षमता पाई गई
कोविड-19 से रिकवरी में अश्वगंधा कितना फायदेमंद, भारत-ब्रिटेन मिलकर करेंगे अध्ययन
नई दिल्ली। आयुष मंत्रालय ने कोविड-19 से उबरने में परंपरागत जड़ी-बूटी अश्वगंधा के लाभ के बारे में अध्ययन करने के लिए ब्रिटेन के लंदन स्कूल ऑफ हाइजिन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन (LSHTM) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्था अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) तथा एलएसएचटीएम ने ब्रिटेन के तीन शहरों- लेसिस्टर, बिरमिंघम और लंदन (साउथ हॉल और वेम्बले) में 2,000 लोगों पर अश्वगंधा के चिकित्सीय परीक्षण करने के लिए हाल में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
Ashwagandha
परीक्षण यदि सफलतापूर्वक पूरा होता है तो भारत की परंपरागत औषधि प्रणाली को वैज्ञानिक वैधता मिल सकती है। अश्वगंधा के विभिन्न रोगों में लाभों को समझने के लिए अनेक अध्ययन हो चुके हैं लेकिन यह पहली बार है जब आयुष मंत्रालय ने कोविड-19 के मरीजों में इसके प्रभाव का पता लगाने के लिए किसी विदेशी संस्थान के साथ समन्वय किया है।
एआईआईए की निदेशक डॉ. तनुजा मनोज नेसारी और इस परियोजना में अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं के समन्वयक डॉ. राजगोपालन के साथ सह-अन्वेषक हैं। एलएसएचटीएम के डॉ. संजय किनरा अध्ययन के प्रधान जांचकर्ता हैं।
डॉ. नेसारी ने कहा, 'तीन महीने तक 1000 प्रतिभागियों के एक समूह को अश्वगंधा की गोलियां दी जाएंगी जबकि इतने ही लोगों के दूसरे समूह को इसी के समान दिखने वाली अन्य गोलियां दी जाएंगी। किसे कौन सी गोली दी गई है, इस बारे में मरीजों यहां तक कि चिकित्सकों को भी नहीं बताया जाएगा।' (भाषा)
