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दो साल में खत्म हुआ था ‘स्पेनिश फ्लू’, WHO ने बताया कब मिलेगी ‘कोरोना’ से निजात?
पूरी दुनिया के मन में अगर इस वक्त कोई सवाल है तो वह है कोरोना वायरस आखिर कब खत्म होगा?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस ‘वैश्विक’ सवाल का अब जवाब देने का प्रयास किया है। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडहोम घेब्य्रेयियस ने कहा है कि दो वर्षों से भी कम समय में कोरोना महामारी खत्म हो सकती है।
टेड्रोस ने कहा कि महामारी ने हमें यह याद दिलाया है कि स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था अविभाज्य है। उन्होंने कोरोना से निपटने में लॉकडाउन जैसे उपायों की तारीफ करते हुए कहा कि इससे वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिली, लेकिन यह दीर्धकालीन उपाय नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति, परिवार, समुदाय और राष्ट्र को अपने जोखिम के स्तर के आधार पर निर्णय लेने होंगे।
उन्होंने आगे कहा कि 1918 में सामने आया स्पेनिश फ्लू दो साल में खत्म हो गया था। कोरोना से मुकाबले के लिए यदि दुनिया एकजुट रहती है और वैक्सीन तैयार हो जाती है, तो यह महामारी दो साल से कम समय में खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा, ‘मौजूदा टूल्स का बेहतरीन ढंग से इस्तेमाल करके और नए टूल्स जैसे कि वैक्सीन प्राप्त करने के बाद हम दो साल के भीतर कोरोना से आजाद हो सकते हैं’
विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रमुख ने कहा कि 1918 में जब स्पेनिश फ्लू फैला था, तब की तुलना में आज हमारे पास तकनीक है और संपर्क के ज्यादा तरीके हैं। ऐसे में वायरस के तेजी से फैलने की पूरी आशंका है। लेकिन यदि हम मौजूदा संसाधनों का बेहतर ढंग से इस्तेमाल करते हैं और वैक्सीन मिल जाती है, तो स्पेनिश फ्लू की तरह दो साल से कम समय में हमें कोरोना से आजादी मिल सकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस ‘वैश्विक’ सवाल का अब जवाब देने का प्रयास किया है। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडहोम घेब्य्रेयियस ने कहा है कि दो वर्षों से भी कम समय में कोरोना महामारी खत्म हो सकती है।
टेड्रोस ने कहा कि महामारी ने हमें यह याद दिलाया है कि स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था अविभाज्य है। उन्होंने कोरोना से निपटने में लॉकडाउन जैसे उपायों की तारीफ करते हुए कहा कि इससे वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिली, लेकिन यह दीर्धकालीन उपाय नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति, परिवार, समुदाय और राष्ट्र को अपने जोखिम के स्तर के आधार पर निर्णय लेने होंगे।
विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रमुख ने कहा कि 1918 में जब स्पेनिश फ्लू फैला था, तब की तुलना में आज हमारे पास तकनीक है और संपर्क के ज्यादा तरीके हैं। ऐसे में वायरस के तेजी से फैलने की पूरी आशंका है। लेकिन यदि हम मौजूदा संसाधनों का बेहतर ढंग से इस्तेमाल करते हैं और वैक्सीन मिल जाती है, तो स्पेनिश फ्लू की तरह दो साल से कम समय में हमें कोरोना से आजादी मिल सकती है।
